
छत्तीसगढ़ में एक अनोखी बारात इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। यहां एक दूल्हे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के संदेश से प्रेरित होकर अपनी शादी में कारों और बड़ी गाड़ियों की जगह बैलगाड़ी का इस्तेमाल किया। दूल्हे की यह अलग सोच लोगों को काफी पसंद आ रही है और इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
यह मामला छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के पास स्थित डूमरतराई गांव का है। दूल्हे का नाम कुबेर देहारी है, जो नारायणपुर में एसपी के गनमैन के रूप में काम करते हैं। शादी के दिन उन्होंने पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ी पर बैठकर बारात निकाली। आमतौर पर आजकल शादियों में लंबी-लंबी कारों की लाइन, तेज डीजे और दिखावा देखने को मिलता है, लेकिन कुबेर ने सबसे अलग रास्ता चुना।

कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने और जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की थी। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की आपूर्ति में दिक्कतों के कारण देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे समय में कुबेर देहारी ने प्रधानमंत्री की बात को गंभीरता से लिया और अपनी शादी में ईंधन की बचत का संदेश देने का फैसला किया।
दूल्हा पारंपरिक शादी के कपड़ों में सजा हुआ था और फूलों से सजाई गई बैलगाड़ी पर बैठकर दुल्हन के घर पहुंचा। बैलगाड़ी के साथ गांव के लोग पारंपरिक संगीत और नाच-गाने के साथ चल रहे थे। गांव के रास्तों से गुजरती यह अनोखी बारात देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाए और सोशल मीडिया पर शेयर किए। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया।
लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक शादी नहीं थी, बल्कि समाज को दिया गया एक बड़ा संदेश था। जहां एक ओर लोग शादी में लाखों रुपये खर्च कर दिखावा करते हैं, वहीं कुबेर ने सादगी और परंपरा को महत्व दिया। उन्होंने यह भी दिखाया कि हमारी पुरानी परंपराएं आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
कुबेर देहारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं। नई पीढ़ी को इन्हें बचाकर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईंधन बचाना आज समय की जरूरत है और हर व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने बैलगाड़ी से बारात निकालने का निर्णय लिया।
नारायणपुर के एसपी रॉबिन्सन गुरिया ने भी दूल्हे की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कदम लोगों को ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही यह हमारी संस्कृति और परंपरा को भी आगे बढ़ाने का अच्छा उदाहरण है। एसपी ने बताया कि वह शादी के रिसेप्शन में भी शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। ऐसे माहौल में दूल्हे की यह पहल लोगों को काफी प्रभावित कर रही है। बिना किसी शोर, धुएं और गाड़ियों की भीड़ के निकली यह बारात लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई है।
अब यह बैलगाड़ी वाली बारात पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग दूल्हे की सादगी और सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोग इसे पर्यावरण और संस्कृति दोनों के लिए अच्छा कदम बता रहे हैं।
