Sachin Tendulkar on Student Protest: छात्र आंदोलन पर सचिन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मेरे पिता ने हमेशा सच और ईमानदारी का रास्ता दिखाया' | Source: ABP news.comनीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने पहली बार इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन चीटिंग, नकल या छल करना कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनके इस संदेश को छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की बहस के बीच अहम माना जा रहा है।

Sachin Tendulkar on Student Protest: छात्र आंदोलन पर सचिन तेंदुलकर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- 'मेरे पिता ने हमेशा सच और ईमानदारी का रास्ता दिखाया'Source : ABP news.com

नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद CJP ने देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है और बड़ी संख्या में छात्र इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इसी बीच सचिन तेंदुलकर ने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए ईमानदारी, मेहनत और योग्यता के महत्व पर जोर दिया। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल, सरकार या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम नहीं लिया और न ही किसी के इस्तीफे की मांग की, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि छात्रों को कभी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उनकी कड़ी मेहनत बेकार चली गई।

सचिन तेंदुलकर ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मेरे पिता प्रोफेसर थे। उन्होंने कई युवा छात्रों का मार्गदर्शन किया। उनकी सिखाई हुई एक बात आज भी मेरे साथ है—असफल हो जाना ठीक है, लेकिन नकल या चीटिंग करना बिल्कुल ठीक नहीं। जीवन में कभी भी शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि मेहनत से मिली सफलता ही सबसे बड़ी उपलब्धि होती है और यही मूल्य हर छात्र को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे लिखा कि देश में ऐसा माहौल बनाना बेहद जरूरी है, जहां ईमानदारी को सम्मान मिले, प्रतिभा को अवसर मिले और मेहनत करने वालों को उनका उचित हक मिले। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण और भविष्य गढ़ने की प्रक्रिया भी है। ऐसे में पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी व्यवस्था बनाने में योगदान दे, जहां हर छात्र को निष्पक्ष अवसर मिल सके।

सचिन तेंदुलकर ने उम्मीद जताई कि सभी संबंधित पक्ष मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे, जिससे देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके। उन्होंने कहा कि योग्यता, ईमानदारी और विश्वास ही किसी भी शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और इन्हें हर हाल में बनाए रखना चाहिए।

गौरतलब है कि 20 जुलाई से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन और तेज हो गया है। हजारों छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर प्रदर्शन और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। इसी बीच सचिन तेंदुलकर का यह संदेश सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।