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तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा अचानक रुक गया है। रेवंत रेड्डी इन दिनों ब्रिटेन के दौरे पर हैं और उनका अगला पड़ाव अमेरिका होना था। लेकिन केंद्र सरकार ने उनके US दौरे को राजनीतिक मंजूरी नहीं दी। इसके बाद उन्हें अमेरिका जाने के बजाय लंदन से ही वापस भारत लौटना पड़ा।

मामला इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे के कार्यक्रम में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात भी प्रस्तावित थी।

तेलंगाना सरकार ने रेवंत रेड्डी के ब्रिटेन और अमेरिका दोनों दौरों के लिए केंद्र से मंजूरी मांगी थी। विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन जाने की अनुमति दे दी, लेकिन अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिली।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित अमेरिकी कार्यक्रम को उनके पद और दौरे के उद्देश्य के हिसाब से उचित नहीं पाया गया। हालांकि, सरकार की ओर से किसी एक बैठक को रोक का सीधा कारण नहीं बताया गया।

यही सवाल अब सबसे ज्यादा उठ रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा के दौरान जेडी वेंस और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात का कार्यक्रम था। इन मुलाकातों को विदेश मंत्रालय के जरिए तय किए गए आधिकारिक कार्यक्रम में सही तरीके से शामिल नहीं किए जाने की बात सामने आई है।

लेकिन यह कहना अभी सही नहीं होगा कि सिर्फ वेंस या ममदानी से मुलाकात के कारण ही दौरा रोका गया। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कार्यक्रम को मुख्यमंत्री के पद और दौरे के उद्देश्य के हिसाब से अनुपयुक्त बताया है।

रेवंत रेड्डी का यह दौरा तेलंगाना सरकार के ‘Telangana Rising’ अभियान का हिस्सा था। उनका मकसद अमेरिका में निवेश लाना और तेलंगाना में शिक्षा, तकनीक और दूसरे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाना था।

अमेरिका में उन्हें कई बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों से मिलने का कार्यक्रम था। सरकार की कोशिश थी कि दुनिया के बड़े शिक्षण संस्थानों को तेलंगाना में अपने कैंपस और सहयोग की संभावनाओं के लिए जोड़ा जाए।

इसके अलावा Future City, IT, सेमीकंडक्टर, AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी पर भी बातचीत होनी थी।

अमेरिका जाने की अनुमति नहीं मिलने पर रेवंत रेड्डी ने नाराजगी जताई। उनके कार्यालय की ओर से इसे राजनीतिक फैसला बताया गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने केंद्र के फैसले का पालन करने की बात कही और लंदन से वापस हैदराबाद लौटने का फैसला किया।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में प्रस्तावित निवेश और शिक्षा से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों की टीम वहां जाएगी। यानी मुख्यमंत्री खुद अमेरिका नहीं जाएंगे, लेकिन तेलंगाना का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल वहां जाकर प्रस्तावित समझौतों और बैठकों को आगे बढ़ाएगा।

इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं तेलंगाना बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मामला नियमों और कार्यक्रम की मंजूरी से जुड़ा है, इसे राजनीतिक रंग नहीं देना चाहिए।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को मंजूरी क्यों नहीं मिली और प्रस्तावित मुलाकातों की भूमिका इसमें कितनी थी। विदेश मंत्रालय ने कार्यक्रम को अनुपयुक्त बताया है, लेकिन किसी एक बैठक को रोक का आधिकारिक कारण नहीं बताया है।

इस पूरे मामले ने केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक विवाद को जरूर बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस पर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से और क्या सफाई सामने आती है।