राजस्थान के डीग जिले के खोह थाना क्षेत्र में एक स्थानीय नागरिक की जमीन पर कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव के चलते अवैध कब्जा करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। इस विवाद के विरोध में आगामी 22 तारीख को डीग कलेक्ट्री पर एक विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई है, जहां कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
सत्ता और पुलिस प्रशासन के खिलाफ फूटा आक्रोश
पूरा विवाद ब्राह्मण नगला निवासी सुनील शुक्ला की निजी जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी और स्थानीय विरोध पोस्टरों के अनुसार, पीड़ित की जमीन पर कथित रूप से एक मंत्री के रिश्तेदारों द्वारा अवैध कब्जा कर दीवार निर्माण कराया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने के कारण पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि कब्जे से जुड़े पक्ष का एक सदस्य डीग पुलिस में कार्यरत है, जिसके चलते स्थानीय पुलिस शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं कर रही। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
खोह पुलिस और SHO की भूमिका पर उठे सवाल
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने खोह थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि थाना स्तर पर शिकायतें दर्ज होने के बावजूद मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने खोह थाना प्रभारी शिवलहरी मीणा पर भी राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते मामले का समाधान नहीं किया और कथित अवैध निर्माण को नहीं हटाया, तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में लगातार विरोध और नाराजगी देखने को मिल रही है।
कलेक्ट्री घेराव की तैयारी, प्रशासन अलर्ट
22 तारीख को प्रस्तावित कलेक्ट्री प्रदर्शन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे बड़ी संख्या में कलेक्ट्री पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से जवाबदेही की मांग करेंगे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दबाव बनाएंगे।
प्रशासन भी संभावित भीड़ और प्रदर्शन को देखते हुए सतर्क हो गया है। कलेक्ट्री परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
वाजिब अली के नेतृत्व में आंदोलन, मुख्तयार अहमद भी सक्रिय
इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व विधायक वाजिब अली कर रहे हैं, जो लंबे समय से क्षेत्र के जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि वाजिब अली लगातार आम जनता की समस्याओं को प्रशासन और सरकार के समक्ष रखने का काम कर रहे हैं तथा इस भूमि विवाद के मामले को भी प्रमुखता से उठा रहे हैं।
उनके साथ कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी मुख्तयार अहमद सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नेताओं का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और कथित अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
