कोलकाता, 15 अप्रैल:

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है, जहां Amit Shah और Mamata Banerjee के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली। चुनावी माहौल में दोनों नेताओं ने जनसभाओं के जरिए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए और अपने-अपने पक्ष को मजबूती से रखा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी रैली में राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठ और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर वर्तमान सरकार विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से अवैध घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इसका विरोध कर रही है। शाह ने यह भी कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो सीमाओं को मजबूत किया जाएगा और घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों के मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कृषि बुनियादी ढांचे की अनदेखी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार बनने पर कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ मिल सके।

वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में तैनात केंद्रीय बलों को निष्पक्ष रहना चाहिए और किसी भी तरह का दबाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए नुकसानदायक है।

ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है ताकि चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सके। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहें।

राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच यह साफ है कि चुनावी मुकाबला और अधिक तीखा होने वाला है, जहां दोनों पक्ष जनता के समर्थन के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।