पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक Nitin Nabin के राज्यसभा जाने के बाद सीट खाली हो चुकी है और अब उपचुनाव की तैयारी शुरू मानी जा रही है। इसी बीच यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि क्या हाल ही में बीजेपी में शामिल हुईं Ritu Jaiswal को पार्टी बांकीपुर से उम्मीदवार बना सकती है।

हालांकि, बीजेपी की ओर से अभी किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में रितु जायसवाल का नाम चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में बीजेपी जॉइन करने के बाद उनका नाम संभावित दावेदारों में जोड़ा जा रहा है।

क्या है बांकीपुर सीट का समीकरण?

बांकीपुर सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है। पहले यह सीट पश्चिमी पटना के नाम से जानी जाती थी और लंबे समय तक नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर यहां से चुनाव जीतते रहे। बाद में नितिन नवीन ने इस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया और लगातार चुनाव जीतते रहे। 2025 विधानसभा चुनाव में भी नितिन नवीन ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

जातीय समीकरण की बात करें तो इस सीट पर कायस्थ वोटरों का प्रभाव सबसे ज्यादा माना जाता है। इसके अलावा वैश्य, राजपूत, भूमिहार, कोयरी और दलित वोटर भी निर्णायक भूमिका में रहते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी इस सीट पर जातीय समीकरण को नजरअंदाज नहीं करेगी।

रितु जायसवाल का नाम क्यों चर्चा में?

रितु जायसवाल पहले आरजेडी में थीं और हाल ही में बीजेपी में शामिल हुई हैं। उन्होंने पहले भी चुनाव लड़ा है और राजनीतिक तौर पर सक्रिय चेहरा मानी जाती हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि बांकीपुर सीट की सामाजिक बनावट को देखते हुए बीजेपी किसी कायस्थ चेहरे को प्राथमिकता दे सकती है। इसी वजह से रितु जायसवाल के नाम पर चर्चा तो है, लेकिन दावेदारी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जा रही।

और कौन-कौन हैं दावेदार?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी के भीतर कई अन्य नामों की भी चर्चा है। कुछ रिपोर्ट्स में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कायस्थ समाज से जुड़े चेहरों को भी संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है। वहीं, Prashant Kishor की पार्टी ने भी बांकीपुर उपचुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।

फिलहाल, बांकीपुर सीट पर सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि बीजेपी आखिर किस चेहरे पर दांव लगाएगी। उपचुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले सियासी अटकलें और तेज होने की संभावना है।