
संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करते NDA और INDIA गठबंधन के सांसद।Source : Chrome
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर संसद परिसर में गुरुवार को सियासी टकराव और तेज हो गया। संसद के मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, जबकि सरकार ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा का बचाव किया।
मकर द्वार पर आमने-सामने आए दोनों गठबंधन
मानसून सत्र के चौथे दिन संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले संसद परिसर के मकर द्वार पर एनडीए और इंडिया गठबंधन के सांसदों ने अलग-अलग प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान संसद परिसर में राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा।
विपक्ष ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। सांसदों ने बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए।
एनडीए ने विपक्ष पर लगाया राजनीति करने का आरोप
दूसरी ओर एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर पेपर लीक मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। सत्तापक्ष के सांसदों ने "शर्म करो" और "वंदे मातरम्" जैसे नारे लगाए और कहा कि विपक्ष को संसद में चर्चा से भागने के बजाय बहस में हिस्सा लेना चाहिए।
पीएम मोदी के बयान पर कांग्रेस का पलटवार
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रख रहे हैं और सरकार को पहले उनकी बात सुननी चाहिए। वहीं कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय शिक्षा मंत्री पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
रणनीति बैठक के बाद विपक्ष का प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राहुल गांधी, अखिलेश यादव और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने बैठक कर आगे की रणनीति तय की। इसके बाद सभी नेता संसद परिसर में प्रदर्शन में शामिल हुए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध जताया।
पेपर लीक पर संसद में जारी है गतिरोध
नीट पेपर लीक मामले को लेकर संसद के भीतर और बाहर लगातार राजनीतिक घमासान जारी है। जहां विपक्ष सरकार से जवाबदेही और इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए वह तैयार है।
