नई दिल्ली / लाइफस्टाइल डेस्क।
अक्सर गर्मियों के मौसम में या हल्की सी लापरवाही के कारण जब घर में दूध फट जाता है, तो ज्यादातर घरों में निराशा का माहौल हो जाता है। अमूमन लोग इसे 'खराब' या 'बेकार' मानकर सिंक में बहा देते हैं या ज्यादा से ज्यादा इसका पनीर या भुर्जी बना लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शेफ और फूड एक्सपर्ट्स की नजर में फटा हुआ दूध कोई बर्बादी नहीं, बल्कि प्रीमियम और महंगी मिठाइयाँ बनाने का एक शॉर्टकट है?
आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम पूरी रिसर्च के साथ आपको बताएंगे कि कैसे फटे हुए दूध का वैज्ञानिक और पारंपरिक इस्तेमाल करके आप बाजार में ₹400 से ₹800 किलो मिलने वाली शानदार मिठाइयाँ मिनटों में घर पर तैयार कर सकते हैं।
जब दूध प्राकृतिक रूप से या किसी खटास के कारण फटता है, तो उसका केसीन (Casein) प्रोटीन और वसा (Fat) पानी से अलग हो जाते हैं। बाजार में मिलने वाले मावे की तुलना में फटे हुए दूध से निकला छैना कहीं ज्यादा दानेदार और बेहद सॉफ्ट होता है। यही दानेदार टेक्सचर कलाकंद और मिल्क केक जैसी मिठाइयों के लिए सबसे पहली जरूरत माना जाता है।
फटे हुए दूध से मिठाई बनाने से पहले उसे एक बार सूंघकर जरूर देखें। अगर दूध में से कोई तीखी या अजीब बदबू (Foul Smell) आ रही हो, या उसका रंग पीला/हरा पड़ चुका हो, तो उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें। इसका मतलब है कि उसमें हानिकारक बैक्टीरिया पनप चुके हैं। अगर दूध सामान्य रूप से फटा है और उसमें से केवल हल्की खटास की महक है, तो वह पूरी तरह सुरक्षित है।
आज के समय में 'जीरो वेस्टेज' (Zero Waste Cooking) का चलन तेजी से बढ़ रहा है। फटे दूध का पानी (Whey Water) भी प्रोटीन से भरपूर होता है। शेफ की मानें तो अगर आप मिठाई नहीं बनाना चाहते, तो फटे दूध के पानी से आटा गूंथ सकते हैं, जिससे रोटियां बेहद मुलायम बनती हैं, या इसे शाही पनीर की ग्रेवी में इस्तेमाल करके उसे एक रिच और क्रीमी टेक्सचर दिया जा सकता है।
