नई दिल्ली
अगर आप भी यह सोचते हैं कि वीकेंड पर 8-9 घंटे से ज्यादा सोकर आप हफ्ते भर की थकान मिटा रहे हैं, या फिर काम के चक्कर में सिर्फ 5-6 घंटे की नींद ले रहे हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है। चिकित्सा जगत की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में से एक 'नेचर' में प्रकाशित एक वैश्विक स्टडी में यह सनसनीखेज दावा किया गया है कि 6 घंटे से कम और 8 घंटे से ज्यादा सोने वाले लोगों में बढ़ती उम्र के लक्षण बेहद तेजी से देखे जा रहे हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि असंतुलित नींद न सिर्फ आपके चेहरे बल्कि आपके दिल, दिमाग, फेफड़े और इम्यून सिस्टम को उनकी वास्तविक उम्र से कहीं पहले बूढ़ा बना रही है।
"पुराने शोधों से हमें यह तो पता था कि कम सोने का असर दिमाग पर पड़ता है, लेकिन हमारी नई स्टडी यह साबित करती है कि बहुत कम और बहुत ज्यादा नींद, दोनों ही शरीर के लगभग हर मुख्य अंग के बूढ़े होने की प्रक्रिया को तेज कर देते हैं।"
अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा सोना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन विज्ञान ऐसा नहीं मानता। डॉक्टर इसे 'अंडरलाइंग पैथोलॉजी' यानी शरीर में पनप रही किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत मानते हैं।
लंबी और सेहतमंद जिंदगी की चाबी न तो जरूरत से ज्यादा सोने में है और न ही नींद की कटौती करने में। शरीर को लंबे समय तक जवान रखना है, तो आज से ही अपनी नींद का एक तय और अनुशासित रूटीन बनाएं।
