मेरठ। बहुचर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में बुधवार को अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को हत्या के साथ-साथ सबूत छिपाने के मामले में भी दोषी माना है। अदालत की ओर से दोनों की सजा का अंतिम ऐलान फिलहाल नहीं किया गया है। सजा पर अगली सुनवाई 15 दिन बाद होगी।
अदालत ने मामले में अपराध की गंभीरता और उसके तरीके को लेकर टिप्पणी की। फैसले के दौरान सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी, भाई बबलू और परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद रहे। वहीं मुस्कान और साहिल की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। दोनों ने जेल से ही अदालत की कार्यवाही देखी और अपने खिलाफ सुनाए गए दोषसिद्धि के फैसले को सुना।
मार्च 2025 में सामने आया था मामला, नीले ड्रम में मिला था शव
सौरभ राजपूत हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आने के बाद देशभर में चर्चा में आया था। पुलिस जांच के अनुसार सौरभ की हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में रखा गया और उसे सीमेंट से पैक कर दिया गया था। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और करीब 13 महीने तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान लगातार सुनवाई हुई।
इस मामले में कुल 126 पेशियां हुईं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत में पेश किया गया। मामले की अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हो गई थी। इसके बाद अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा था।
सौरभ की मां ने पूछा- मेरे लाल को क्यों मारा?
फैसले से पहले सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी भावुक नजर आईं। उन्होंने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि मुस्कान उनके सामने आए तो वह उससे यह पूछना चाहेंगी कि उसने उनके बेटे को क्यों मारा।
रेनू देवी के मुताबिक, यदि मुस्कान सौरभ के साथ नहीं रहना चाहती थी तो वह अलग हो सकती थी, लेकिन हत्या करने का फैसला क्यों लिया गया, यह सवाल उनके लिए सबसे बड़ा है। फैसले के समय भी सौरभ के परिवार के सदस्य अदालत में मौजूद रहे।
जेल में फैसले से पहले मुस्कान ने की पूजा, साहिल रहा चुप
फैसले वाले दिन जेल में भी दोनों आरोपियों के व्यवहार को लेकर चर्चा रही। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह मुस्कान पूजा-पाठ करती नजर आई और सुंदरकांड का पाठ करने की बात सामने आई। वहीं सह-आरोपी साहिल शुक्ला अन्य कैदियों से बातचीत कम कर ज्यादातर समय चुप रहा।
सौरभ की मां रेनू देवी ने मुस्कान के पूजा-पाठ को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इसे ढोंग बताते हुए कहा कि घर में मुस्कान ने कभी पूजा नहीं की और अब जेल में ऐसा कर रही है।
2016 में हुई थी मुस्कान और सौरभ की शादी
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर निवासी सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी उर्फ सोभी ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में दोनों की बेटी का जन्म हुआ।
बाद में मुस्कान की मुलाकात उसके सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई। जांच के अनुसार, साहिल और मुस्कान की नजदीकी बढ़ने के बाद मुस्कान और सौरभ के वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ गया था। मामला तलाक तक पहुंचने की स्थिति में भी आया।
सौरभ के लंदन से लौटने के बाद बढ़ा विवाद
सौरभ मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे और बाद में लंदन चले गए थे। खबर के अनुसार, उनके विदेश में रहने के दौरान मुस्कान और साहिल के बीच नजदीकी बढ़ी। सौरभ के वापस लौटने के बाद कथित तौर पर रिश्तों को लेकर विवाद और तनाव बढ़ गया।
अभियोजन की कहानी के अनुसार, मुस्कान और साहिल सौरभ को अपने संबंधों में बाधा मानने लगे थे। इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन की ओर से प्रस्तुत मामले के आधार पर मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया है।
हत्या के बाद शव छिपाने की कोशिश का भी आरोप
मामले की जांच में यह आरोप सामने आया कि सौरभ की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे टुकड़ों में काटा गया और नीले ड्रम में रखा गया। ड्रम में शव रखने के बाद उसे सीमेंट से बंद कर दिया गया था। आरोपियों पर हत्या के साथ सबूत छिपाने का भी मामला चलाया गया।
अदालत ने बुधवार को दोनों को हत्या और सबूत छिपाने के आरोपों में दोषी माना। हालांकि दोषी करार दिए जाने और सजा सुनाए जाने की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में होती है। इसलिए दोनों की सजा पर अंतिम फैसला अगली सुनवाई में किया जाएगा।
22 गवाह और 126 पेशियों के बाद आया फैसला
नीला ड्रम हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने मामले के समर्थन में 22 महत्वपूर्ण गवाह अदालत के सामने पेश किए। इस दौरान कुल 126 पेशियां हुईं। 17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
अब दोषसिद्धि के बाद अदालत अगली सुनवाई में सजा के मुद्दे पर विचार करेगी। सौरभ के परिवार की ओर से दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की गई है। अदालत का अगला फैसला यह तय करेगा कि दोनों को किस प्रकार की सजा दी जाती है।
देशभर में चर्चा में रहा था नीला ड्रम कांड
मार्च 2025 में मामला सामने आने के बाद नीला ड्रम हत्याकांड ने व्यापक स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा था। हत्या के बाद शव को ड्रम में छिपाने की बात सामने आने से मामला और अधिक चर्चित हो गया था। पुलिस जांच के बाद मुस्कान और साहिल की गिरफ्तारी हुई और इसके बाद मामला न्यायालय में चला।
बुधवार को दोषसिद्धि के फैसले के साथ इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। हालांकि सजा का अंतिम निर्णय अभी बाकी है और इसके लिए अगली सुनवाई का इंतजार करना होगा।
अब 15 दिन बाद होगी सजा पर सुनवाई
अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या तथा सबूत छिपाने के मामले में दोषी करार दिया है। दोनों की सजा का ऐलान 15 दिन बाद होने वाली अगली सुनवाई में किया जाएगा। सौरभ के परिवार ने अदालत से दोनों के लिए फांसी की मांग की है।
नीला ड्रम हत्याकांड में दोषसिद्धि के बाद अब पूरे मामले की नजर सजा पर होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई है। अदालत के अगले आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोषी करार दिए गए मुस्कान और साहिल को किस प्रकार की सजा दी जाती है।
