सिवनी न्यूज़ हिंदी में: दो साल पहले लगाए गए पौधे में पहली बार फल लगा, जिसे पकने के बाद किसान अपने परिवार के साथ ग्राम आष्टा में स्थित माँ महाकाली मंदिर पहुंचा और माता के चरणों में अर्पित किया।खेती-बाड़ी के लिहाज से MP के सिवनी के बरघाट इलाके से अच्छी खबर आई है, जहां एक किसान ने दुनिया के सबसे महंगे माने जाने वाले मियाज़ाकी आम की सफल खेती करके इतिहास रच दिया है। बरघाट के पौनारकलां गांव के किसान धनसिंह रहंगडाले ने अपने बगीचे में जापान के मशहूर और दुर्लभ मियाज़ाकी आम की सफल खेती की है।दो साल पहले लगाए गए पौधे में पहली बार फल लगा, जिसे पकने के बाद किसान ने अपने परिवार के साथ आष्टा गांव में मां महाकाली मंदिर जाकर देवी के चरणों में चढ़ाया। मियाज़ाकी आम, जिसे 'लाल सोना' भी कहा जाता है, अपनी मिठास, खुशबू और पौष्टिक गुणों के लिए दुनिया भर में मशहूर है।2 से 3 लाख रुपए किलो बिकता है आम
इंटरनेशनल मार्केट में मियाज़ाकी आम की कीमत 2 से 3 लाख रुपए किलो बताई जाती है। सिवनी में इस दुर्लभ आम की सफल खेती पूरे राज्य और जिले में चर्चा का विषय बन गई है। सफल खेती का पहला फल देवी महाकाली को चढ़ाया गया। मियाज़ाकी आम की सफल पैदावार करके इतिहास रच दिया गया है।
पौधा कोलकाता से लाकर लगाया गया था।
मियाज़ाकी आम के किसान धनसिंह रहांगडाले ने बताया कि यह पौधा दो साल पहले लगाया गया था। इस साल पहली बार इस पर दो आम लगे। उन्होंने पहला फल देवी काली को चढ़ाया। धनसिंह रहांगडाले के पास 2 एकड़ ज़मीन पर आम का बाग है, जिसमें 110 तरह के पेड़-पौधे हैं। उन्होंने 15 विदेशी तरह के आम भी लगाए हैं।
ग्राफ्टिंग से और पौधे तैयार किए जाएंगे।
धनसिंह रहांगडाले ने बताया कि ग्राफ्टिंग से और मियाज़ाकी पौधे तैयार किए जाएंगे। इलाके के किसानों को आम की खेती के ऑप्शन भी दिए जाएंगे। मियाज़ाकी आम पकने पर गहरे लाल और बैंगनी रंग के होते हैं। ये बहुत मीठे और खुशबूदार होते हैं, जो इन्हें दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्मों में से एक बनाते हैं। इसकी कीमत लगभग ₹2 लाख से ₹4 लाख प्रति किलोग्राम होने का अनुमान है।
