बिहार में शराबबंदी पर चिराग पासवान ने कहा कि कानून हटाने से पहले लोगों को शराब के बुरे असर के बारे में जागरूक करना ज़रूरी है।केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार (17 जुलाई) को साफ कर दिया कि वह और उनकी पार्टी बिहार में शराबबंदी कानून को हटाने का तभी समर्थन करेंगे, जब पहले शराब के बुरे असर के बारे में बड़े पैमाने पर लोगों में जागरूकता फैलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शराबबंदी जैसे मुद्दे को सिर्फ कमाई के नजरिए से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसमें सामाजिक भावनाएं भी जुड़ी होती हैं।पटना में चिराग पासवान ने कहा, "मैं और मेरी पार्टी हमेशा से शराब के बुरे असर के बारे में लोगों में जागरूकता फैलाने के पक्ष में रहे हैं। जब उस समय के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून पेश किया था, तब हम नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) का हिस्सा नहीं थे, फिर भी हमने इसका समर्थन किया था।बिहार में बिहार मद्यनिषेध और आबकारी अधिनियम, 2016 के तहत शराब और अन्य नशीले पदार्थों का निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यह कानून तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार की प्रमुख नीतियों में से एक था।रेवेन्यू से ज़्यादा ज़रूरी सामाजिक पहलू

चिराग पासवान ने माना कि शराबबंदी की वजह से राज्य को रेवेन्यू का नुकसान हो रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि सिर्फ़ रेवेन्यू बढ़ाने के लिए शराबबंदी खत्म करना सही फ़ैसला नहीं होगा।

उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि बिहार की एक बड़ी आबादी को बिना पूरी जागरूकता के शराब के दलदल में वापस धकेलने का यह सही समय नहीं है। शराबबंदी को सिर्फ़ आर्थिक नज़रिए से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे सामाजिक भावनाएँ भी जुड़ी हैं। रेवेन्यू बढ़ाने के और भी कई तरीके हैं, और हमें उन पर विचार करना चाहिए।"

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।


जनता पर बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर समेत कई सेक्टर में तेज़ी से विकास हो रहा है, और इसलिए रेवेन्यू बढ़ाने की ज़रूरत है। लेकिन यह बोझ आम लोगों पर नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी के दोनों राज्य मंत्री संजय पासवान और संजय सिंह कैबिनेट मीटिंग में ऐसे मुद्दों पर अपनी बात साफ-साफ रखते हैं। रेवेन्यू बढ़ाने पर जोर तो होना ही चाहिए, लेकिन इसका बोझ जनता पर नहीं पड़ना चाहिए।RJD ने भी किया हमला

चिराग पासवान ने RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं मृत्युंजय तिवारी का सम्मान करता हूं। जिस शालीनता और गरिमा के साथ उन्होंने RJD जैसी पार्टी का बचाव किया, वह तारीफ के काबिल है। जब उनके जैसे लोग पार्टी छोड़ते हैं, तो इसका मतलब है कि बर्दाश्त की सारी हदें पार हो गई हैं।"

उन्होंने RJD पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि "कोई दीमक की तरह RJD को अंदर से खोखला कर रहा है।