erere | Source: ererपटना। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हड़कंप मच गया है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को मंगलवार को एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि कट्टर आतंकवादी जल्द ही चिराग पासवान की हत्या कर देंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिराग पासवान के सरकारी अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र भेजकर तत्काल संज्ञान लेने और केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि धमकी भरा संदेश दो नंबरों से प्राप्त हुआ। संदेश बिना हस्ताक्षर के था। इसे खोलने पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को सीधे जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। संदेश में कथित तौर पर कहा गया कि कट्टर आतंकवादी जल्द ही चिराग पासवान की हत्या कर देंगे। संदेश में आतंकवादियों का उल्लेख होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर भी इसे गंभीरता से लिए जाने की मांग की गई है।

गृह सचिव को पत्र भेजकर सुरक्षा समीक्षा की मांग

चिराग पासवान के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा को और मजबूत करने की मांग की है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि चिराग पासवान के आगामी दिनों में कई सार्वजनिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। ऐसे में धमकी भरे संदेश को देखते हुए उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।

आलोक सिंह ने गृह सचिव से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लिया जाए। साथ ही धमकी भरे संदेश की पूरी जांच कर यह पता लगाया जाए कि इसे किस व्यक्ति या समूह की ओर से भेजा गया है। पत्र के साथ मूल धमकी भरे संदेश की प्रति भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है, ताकि जांच एजेंसियां उपलब्ध सामग्री के आधार पर इसकी पड़ताल कर सकें।

मंत्रालय को सीधे पहुंचा धमकी भरा संदेश

मामले की गंभीरता इस वजह से भी बढ़ गई है कि धमकी भरा संदेश सीधे केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय तक पहुंचा। मंगलवार को दो नंबरों से मंत्रालय को एक संदेश पत्र प्राप्त हुआ। संदेश में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को निशाना बनाने की धमकी दी गई। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संदेश वास्तव में किसी आतंकी संगठन की ओर से भेजा गया है या इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व का हाथ है।

चिराग पासवान के निजी सचिव ने गृह मंत्रालय से इस संदेश की तत्काल जांच कराने का अनुरोध किया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी वास्तविक है या किसी व्यक्ति द्वारा डर पैदा करने अथवा सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के उद्देश्य से भेजी गई है। फिलहाल संदेश भेजने वाले की पहचान सामने नहीं आई है।

‘कट्टर आतंकवादी’ के उल्लेख से बढ़ी चिंता

धमकी भरे संदेश में ‘कट्टर आतंकवादी’ शब्द का इस्तेमाल किए जाने को सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना गया है। चिराग पासवान के निजी सचिव ने अपने पत्र में इस बात का विशेष उल्लेख किया है। उनका कहना है कि इस तरह की धमकी से केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा होती है। इसलिए संबंधित एजेंसियों को तत्काल मामले की जांच कर वास्तविकता का पता लगाना चाहिए।

मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि धमकी की सत्यता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि चिराग पासवान को किसी आतंकी संगठन ने धमकी दी है। गृह मंत्रालय और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद ही धमकी के स्रोत और उसकी वास्तविक प्रकृति का पता चल सकेगा।

चिराग पासवान को पहले से मिली है Z श्रेणी की सुरक्षा

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को केंद्र सरकार की ओर से पहले से ही Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। इस सुरक्षा व्यवस्था में करीब 22 सुरक्षा कर्मियों का घेरा शामिल होता है। इसके अलावा एस्कॉर्ट वाहन और सशस्त्र कमांडो जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

देश में सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर महत्वपूर्ण व्यक्तियों को अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाती है। किसी व्यक्ति के लिए खतरे की गंभीरता का आकलन करने के बाद गृह मंत्रालय सुरक्षा के स्तर को निर्धारित करता है। आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा श्रेणी की समीक्षा भी की जा सकती है।

Z श्रेणी से ऊपर Z+ और एसपीजी जैसी उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाएं आती हैं। ऐसे में चिराग पासवान को मिले धमकी भरे संदेश के बाद उनकी वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए सतर्कता की मांग

चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री होने के साथ-साथ लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। उनके निजी सचिव ने गृह मंत्रालय को भेजे पत्र में आगामी कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने का अनुरोध किया है। धमकी के स्रोत की जांच के साथ-साथ मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं, इसका आकलन करने की मांग की गई है।

फिलहाल पूरे मामले में जांच का इंतजार है। धमकी भरे संदेश के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती संदेश भेजने वाले की पहचान और उसकी मंशा का पता लगाना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह किसी गंभीर सुरक्षा खतरे का संकेत है या किसी असामाजिक तत्व की हरकत।