नई दिल्ली। रेलवे के होटल टेंडर से जुड़े कथित आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव शनिवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। मामले में आरोप तय करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होनी थी, लेकिन शनिवार को यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख तय की है।
नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया बाकी
इस मामले में अदालत ने 10 सितंबर की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री होने की बात कही थी। इसके बाद सभी संबंधित आरोपियों को 3 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था।
शनिवार की सुनवाई में सभी संबंधित आरोपी अदालत के समक्ष पेश हुए, लेकिन आरोप पढ़कर सुनाने और चार्ज फ्रेमिंग की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब यह प्रक्रिया अगली सुनवाई में आगे बढ़ेगी।
रेलवे होटल टेंडर से जुड़ा है पूरा मामला
मामला उस अवधि से संबंधित है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, रेलवे के आईआरसीटीसी से जुड़े रांची और पुरी के होटलों के संचालन के लिए टेंडर जारी किए गए थे। जांच में इन टेंडरों में कथित अनियमितताओं और लेनदेन की जांच की गई।
ईडी और सीबीआई की जांच के आधार पर आरोप है कि होटल संचालन का ठेका देने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ और इसके बदले पटना में जमीन के लेनदेन से संबंधित लाभ पहुंचाया गया। लालू परिवार इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।
16 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत में हुई सुनवाई के बाद नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इनमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम चंद गुप्ता, सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स, लारा प्रोजेक्ट्स तथा होटल कारोबारी विनय कोचर और विजय कोचर शामिल हैं।
मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी। उस दिन आरोप तय करने की औपचारिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
