नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कॉकपिट के भीतर हुई हिंसक घटना ने विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल दिया था। इस दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इसी बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुलकर सराहना की है।
गंभीर चोट के बावजूद डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर विशेष संदेश साझा किया। पीएम मोदी ने उन्हें ‘HERO’ बताते हुए कहा कि सबसे गंभीर खतरे के बीच, खुद बुरी तरह घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जिंदगी की रक्षा के लिए असाधारण साहस और अटूट संकल्प का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन मच्छार के साहस और बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद मिली और एक बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है।
उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट में हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक ऐसी स्थिति पैदा हो गई, जिसने पूरे विमान की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया।
बताया गया कि को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। कॉकपिट के भीतर हुई इस घटना के बीच विमान की उड़ान पर भी असर पड़ा और विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी।
कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया विमान
फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, घटना के दौरान विमान कुछ ही समय में लगभग 14 हजार फीट नीचे आ गया था। विमान की ऊंचाई में इतनी तेजी से बदलाव होने के कारण उसमें सवार यात्रियों के बीच अफरातफरी की स्थिति बन गई।
एक तरफ कॉकपिट में कैप्टन घायल थे और दूसरी तरफ विमान की उड़ान को सुरक्षित बनाए रखना चुनौती बन गया था। ऐसे समय में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। गंभीर चोट के बावजूद उन्होंने स्थिति को संभालने और कॉकपिट तक अन्य लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद की।
घायल कैप्टन ने हमलावर का किया विरोध
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी कैप्टन मच्छार ने हमलावर का विरोध किया। बताया गया कि उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने का अवसर मिला।
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद विमान में मौजूद कुछ यात्रियों ने वहां पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विमान की सुरक्षा और उसमें सवार लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी संभाली जिम्मेदारी
घटना के बाद विमान में मौजूद कुछ ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में सहायता की। कॉकपिट में पैदा हुई गंभीर स्थिति के बीच विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाने और उसकी उड़ान को नियंत्रित रखने के लिए उपलब्ध प्रशिक्षित लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
इसके बाद फ्लाईदुबई की उड़ान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। विमान को अंततः तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। इस तरह विमान में सवार यात्रियों के सामने पैदा हुआ गंभीर संकट एक बड़े हादसे में बदलने से बच गया।
PM मोदी ने कहा- ‘कैप्टन स्मित मच्छार एक HERO हैं’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस को लेकर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “Captain Smit Machchhar is a HERO.” प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अपार साहस और अडिग संकल्प दिखाया।
पीएम मोदी के अनुसार, कैप्टन मच्छार की बहादुरी ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि भारत को उन पर गर्व है।
एक तरफ जान का खतरा, दूसरी तरफ सैकड़ों यात्रियों की जिम्मेदारी
फ्लाईदुबई की इस घटना में कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह खुद हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। इसके बावजूद संकट की उस घड़ी में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उनकी सक्रियता बनी रही। कॉकपिट में हुई घटना के बाद विमान की ऊंचाई में अचानक आई गिरावट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।
ऐसे समय में कॉकपिट तक अन्य लोगों की पहुंच और हमलावर को काबू करना विमान में मौजूद लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इसके बाद ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को सुरक्षित दिशा में ले जाया गया और तबूक में उसकी लैंडिंग कराई गई।
कैप्टन की बहादुरी बनी चर्चा का केंद्र
फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई इस घटना ने विमान सुरक्षा और संकट की स्थिति में चालक दल की भूमिका को भी चर्चा में ला दिया है। हालांकि घटना के दौरान कई स्तरों पर चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विमान में मौजूद लोगों की सामूहिक कोशिशों से स्थिति को नियंत्रित किया गया।
कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले के बावजूद उनके द्वारा दिखाई गई हिम्मत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से सराहना की है। पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी को सैकड़ों लोगों की जान बचाने और बड़ी त्रासदी को टालने से जोड़ा है।
