पटना में खान सर की कोचिंग और ज्ञान बिंदु एकेडमी से जुड़े विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर रूप ले लिया है। इस पूरे मामले में पहली बार बिहार सरकार की ओर से कड़ा संदेश सामने आया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने साफ शब्दों में कहा है कि कोचिंग संस्थान शिक्षा देने के लिए होते हैं, न कि विवाद और टकराव का केंद्र बनने के लिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोचिंग संस्थानों में इसी तरह हिंसा, मारपीट और आपसी संघर्ष की घटनाएं जारी रहीं, तो सरकार को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उनके बयान को केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि बिहार में कोचिंग सेक्टर के लिए संभावित नए नियामक ढांचे की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।खान सर विवाद पर सरकार सख्त, कोचिंग संस्थानों को मिली बड़ी चेतावनी | फोटो: दैनिक जागरण

खान सर विवाद पर सरकार सख्त, कोचिंग संस्थानों को मिली बड़ी चेतावनी | फोटो: दैनिक जागरण

कोचिंग सेक्टर पर सरकार की बढ़ी नजर

छपरा दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री ने समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री का कहना था कि शिक्षा संस्थानों का माहौल छात्रों के भविष्य निर्माण के लिए होना चाहिए, लेकिन अगर वहां हिंसा और शक्ति प्रदर्शन होने लगे तो यह पूरे शिक्षा तंत्र के लिए चिंता का विषय है। यही वजह है कि सरकार अब कोचिंग संस्थानों के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर नई नियमावली तैयार करने पर विचार कर रही है।

खान सर की कोचिंग पर हमला बना पूरे विवाद का केंद्र

इस विवाद की शुरुआत 2 जून को हुई उस घटना से मानी जा रही है, जब पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज सेंटर में तोड़फोड़ और हंगामे की घटना सामने आई। इस दौरान संस्थान का एक सुरक्षा गार्ड घायल भी हो गया था। घटना के बाद खान सर ने ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रोशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव पर हमला कराने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और बाद में रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई ने शिक्षा जगत में बड़ी बहस छेड़ दी, क्योंकि दोनों संस्थान बिहार के सबसे चर्चित कोचिंग ब्रांडों में गिने जाते हैं।

नेपाल में प्रिंस यादव की मौत ने बढ़ा दिया मामला

विवाद उस समय और अधिक संवेदनशील हो गया जब रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रिंस नेपाल चले गए थे, जहां एक होटल में उनका शव बरामद हुआ। इस घटना के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। रोशन आनंद और उनके समर्थकों ने प्रिंस की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए और खान सर पर भी आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और नेपाल पुलिस अपनी जांच कर रही है। प्रिंस की मौत ने पहले से चल रहे विवाद को और ज्यादा राजनीतिक तथा भावनात्मक बना दिया है।

क्या बिहार में कोचिंग संस्थानों के लिए आने वाले हैं नए नियम?

शिक्षा मंत्री के बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कोचिंग संस्थानों के लिए संभावित नई नियमावली है। बिहार में लाखों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं और पटना देश के बड़े कोचिंग हब के रूप में उभर चुका है। ऐसे में सरकार का मानना है कि कोचिंग सेक्टर को केवल व्यवसायिक गतिविधि के रूप में नहीं छोड़ा जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नई नियमावली लागू होती है, तो कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही, छात्र हितों और संचालन संबंधी मानकों का पालन करना पड़ सकता है। फिलहाल पूरा मामला पुलिस जांच के दायरे में है, लेकिन इतना तय है कि खान सर और ज्ञान बिंदु विवाद ने बिहार के कोचिंग उद्योग को लेकर सरकार की सोच और नीति दोनों को प्रभावित किया है।