
गंगा नदी पर तैयार कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल का दृश्य।Source : Chrome
बिहार में गंगा नदी पर कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच बना बहुप्रतीक्षित सिक्स लेन ग्रीनफील्ड पुल अब पूरी तरह तैयार हो चुका है। निर्माण पूरा होने के बाद करीब एक महीने से इसके औपचारिक उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है। बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र के मुताबिक, पुल के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है। प्रधानमंत्री से समय मिलते ही इसे पूरी तरह आम लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
उत्तर बिहार से पटना का सफर होगा आसान
कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के शुरू होने से पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क पहले के मुकाबले ज्यादा तेज और सुगम होने की उम्मीद है। यह पुल पटना को वैशाली और उत्तर बिहार के दूसरे इलाकों से सीधे जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र का कहना है कि सरकार का लक्ष्य दूर-दराज के इलाकों से पटना पहुंचने में लगने वाले समय को लगातार कम करना है। पहले पांच घंटे का लक्ष्य रखा गया था, जिसे विभाग हासिल कर चुका है। अब इसे घटाकर करीब साढ़े तीन घंटे करने की दिशा में काम किया जा रहा है।मंत्री के मुताबिक, कच्ची दरगाह-बिदुपुर जैसा ग्रीनफील्ड सिक्स लेन पुल इस लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लोगों को बेहतर आवागमन के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री के समय का इंतजार
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल का निर्माण पूरी तरह पूरा हो चुका है। उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है और समय मिलते ही पुल की शुरुआत कर दी जाएगी।उन्होंने यह भी बताया कि पुल के एक हिस्से पर पहले से ही आवागमन हो रहा है। पूरी परियोजना शुरू होने के बाद उत्तर बिहार आने-जाने वाले लोगों को ज्यादा सुविधाजनक और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा।
5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत
कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन पुल परियोजना पर बिहार सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इसके निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक से करीब 3,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया, जबकि लगभग 2,000 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से खर्च किए हैं।इस परियोजना को बिहार की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल किया जाता है। इसका उद्देश्य पटना और उत्तर बिहार के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना है।
2016 में हुआ था शिलान्यास
इस पुल के निर्माण का फैसला वर्ष 2015 में लिया गया था। इसके बाद 31 जनवरी 2016 को परियोजना का शिलान्यास हुआ और 16 जनवरी 2017 से निर्माण कार्य शुरू किया गया।योजना के मुताबिक, पुल का निर्माण वर्ष 2021 तक पूरा होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना में देरी हुई। करीब एक दशक बाद अब इसका निर्माण पूरा हो गया है और लोगों को इसके औपचारिक उद्घाटन का इंतजार है।
9.75 किलोमीटर लंबा है मुख्य पुल
कच्ची दरगाह-बिदुपुर का मुख्य सिक्स लेन पुल करीब 9.75 किलोमीटर लंबा है। अप्रोच रोड को मिलाकर पूरी परियोजना की लंबाई लगभग 19.76 किलोमीटर बताई गई है। पुल की चौड़ाई करीब 32 मीटर है और इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है।
यह पुल पटना जिले के कच्ची दरगाह को वैशाली जिले के बिदुपुर से जोड़ेगा। इसकी कनेक्टिविटी पटना-बख्तियारपुर बाईपास यानी एनएच-30 और एनएच-103 से होगी।
पहले चरण में शुरू हो चुका है एक हिस्सा
परियोजना के पहले चरण में कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक करीब 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। इस हिस्से के चालू होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।अब पूरी परियोजना के शुरू होने के बाद पटना, वैशाली और उत्तर बिहार के बीच यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने की उम्मीद है।व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा फायदासरकार के मुताबिक, पुल के चालू होने से केवल यात्रा आसान नहीं होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण सामान की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।यह पुल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क के रूप में भी काम करेगा। इससे पटना शहर के भीतर प्रवेश किए बिना कई इलाकों तक पहुंचना आसान हो सकता है और शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
गंगा पथ और एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा
कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल की कनेक्टिविटी पटना के गंगा पथ से भी प्रस्तावित है। इसके अलावा इसे आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और भविष्य में बनने वाले पटना रिंग रोड से जोड़ने की योजना है।इन कनेक्टिविटी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यह पुल बिहार के सड़क नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन सकता है। उत्तर बिहार से आने वाले वाहन बिना शहर के भीतरी हिस्सों में प्रवेश किए दक्षिण बिहार के कई क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
पुल पर लगेगा टोल टैक्स
पुल के शुरू होने के बाद इस पर टोल टैक्स वसूले जाने की भी तैयारी है। पथ निर्माण विभाग की ओर से इसके लिए नीति तैयार की जा रही है। नई नीति के तहत बड़े पुलों और कुछ स्टेट हाईवे पर भी टोल वसूली की व्यवस्था की जा रही है।
अब सिर्फ उद्घाटन का इंतजार
करीब एक दशक लंबे निर्माण सफर के बाद कच्ची दरगाह-बिदुपुर सिक्स लेन गंगा पुल अब तैयार है। परियोजना का एक हिस्सा पहले से चालू है, जबकि पूरे पुल को शुरू करने के लिए औपचारिक उद्घाटन बाकी है। अब निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम और उद्घाटन की तारीख पर टिकी हैं।
