रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपना विरोध तेज कर दिया है। यूनिवर्सिटी के कथित ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ पार्टी ने अपने प्रतिनिधिमंडल का विस्तार करते हुए नेताओं की संख्या 28 से बढ़ाकर 45 कर दी है। यह प्रतिनिधिमंडल आज विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में रामपुर पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेगा। प्रतिनिधिमंडल के आकार में बढ़ोतरी के बाद प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने 21 जुलाई को जारी पहले कार्यक्रम पत्र में 28 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की घोषणा की थी। इस सूची में सांसद, विधायक और पूर्व सांसद शामिल थे। हालांकि, 23 जुलाई को पार्टी ने संशोधित सूची जारी करते हुए प्रतिनिधिमंडल में 17 और नेताओं को शामिल कर लिया। अब कुल 45 नेता रामपुर जाकर जिला अधिकारी से मुलाकात करेंगे और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दे पर ज्ञापन सौंपेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में नेताओं की संख्या बढ़ाने का फैसला प्रभावी तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लिया गया है। बताया जा रहा है कि इस फैसले के पीछे यह सोच है कि अधिक संख्या में वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे तो विरोध का संदेश और अधिक मजबूत तरीके से सामने आएगा। प्रतिनिधिमंडल में कई विधायक, पूर्व विधायक और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल किए गए हैं।
रामपुर रवाना होने से पहले नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी से संबंधित कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि यदि अवसर मिला तो वह समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से उठाएगी।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि हजारों छात्रों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा हुआ केंद्र है। पार्टी का आरोप है कि यदि यूनिवर्सिटी के ढांचे पर किसी प्रकार की कार्रवाई की जाती है, तो इसका सबसे अधिक असर गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के उन छात्रों पर पड़ेगा जो यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सपा का मानना है कि शिक्षा के अधिकार की संवैधानिक भावना को ध्यान में रखते हुए इस मामले में संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, प्रतिनिधिमंडल के रामपुर पहुंचने की सूचना के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद इस मामले में आगे क्या रुख अपनाया जाता है। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहा यह विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।
