पटना: बिहार में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जन सुराज ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पाटलिपुत्र स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने PhD होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स के आंदोलन, डोमिसाइल नीति और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सरकार से सवाल किए।

मनोज भारती ने कहा कि PhD होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार के सदस्य 4 अगस्त से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई शोधार्थी भूख हड़ताल पर हैं और कुछ की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल भी ले जाना पड़ा। उन्होंने सरकार से आंदोलन कर रहे शोधार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।


PhD के अंकों में कटौती पर सवाल


मनोज भारती ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए शिक्षकों के चयन के लिए लागू प्रक्रिया UGC के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि शिक्षक चयन में PhD के अंकों का महत्व कम कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पहले मूल्यांकन में PhD के लिए 30 प्रतिशत तक अंक का प्रावधान था, जिसे घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया गया है। भारती ने रिसर्च पेपर के आधार पर शोधार्थियों की योग्यता के मूल्यांकन की जरूरत भी बताई। उनके मुताबिक, एक शिक्षक या प्रोफेसर की नियुक्ति में उसके शोध कार्य को पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए।


डोमिसाइल नीति पर भी सरकार को घेरा

जन सुराज प्रदेश अध्यक्ष ने बिहार की डोमिसाइल नीति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अन्य राज्यों में स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था है, जबकि बिहार में लागू नीति को लेकर स्थानीय युवाओं के हितों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को लेकर सरकार पर आरोप


प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार सौरभ ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान था और DRCC के माध्यम से छात्रों को सुविधा मिलती थी।

कुमार सौरभ ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से छात्रों की सेमेस्टर फीस को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन सरकार की ओर से आर्थिक समस्या से इनकार किया जाता रहा। उनके मुताबिक, कैबिनेट से योजना के लिए 950 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिलने और योजना को पांच साल के लिए विस्तार दिए जाने के बाद जारी विज्ञापन में चार लाख रुपये तक मिलने वाले ऋण की सीमा घटाकर दो लाख रुपये किए जाने की बात सामने आई है।

जन सुराज ने इस बदलाव को लेकर सरकार से जवाब मांगा और कहा कि शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता पाने वाले छात्रों के हितों पर किसी तरह की कटौती नहीं होनी चाहिए।


राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष जन सुराज में शामिल


इसी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला पटेल जन सुराज पार्टी में शामिल हुईं। प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाते हुए कहा कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से जन सुराज को लाभ मिलेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के मीडिया प्रभारी ओबैदुर रहमान, राकेश पटेल और सुभाष कुशवाहा भी मौजूद रहे।