रेहान फ़ज़ल 

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। जमीयत ने अदालत में याचिका दाखिल कर मुख्यमंत्री के कथित नफरत फैलाने वाले बयानों पर रोक लगाने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।

याचिका जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी की ओर से दाखिल की गई है। इसमें कहा गया है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के बयान समाज में तनाव और विभाजन पैदा करते हैं, जो संविधान की भावना के खिलाफ है।

जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि ऐसे बयानों के खिलाफ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि या संवैधानिक पदाधिकारी द्वारा नफरत फैलाने वाली भाषा का इस्तेमाल न किया जा सके। इस मामले को लेकर देश की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है।