रेहान फ़ज़ल
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर अपने बयानों को लेकर विवादों में आ गए हैं। एक पूर्व न्यायाधीश ने उनकी हालिया टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये बयान न केवल असंवैधानिक हैं, बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देते।
पूर्व न्यायाधीश का कहना है कि मुख्यमंत्री जैसे पद पर रहते हुए सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणियां लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे बयानों से न्यायपालिका और संविधान की गरिमा पर सवाल खड़े होते हैं।
इस मामले में पूर्व न्यायाधीश ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की है। वहीं, इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है और विपक्ष ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है।
फिलहाल मुख्यमंत्री या राज्य सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला राजनीतिक और संवैधानिक बहस का रूप लेता जा रहा है।
