आम आदमी पार्टी के गुजरात इकाई के फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल को सस्पेंड किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की बेंच करेगी। गौरतलब है कि मई 2026 में इसी याचिका पर CJI ने केंद्र सरकार और मेटा को नोटिस जारी किया था।

Source : Kalamlok
सोशल मीडिया अकाउंट अप्रैल में ब्लॉक हुए थे
आम आदमी पार्टी की गुजरात इकाई के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में भारत में ब्लॉक कर दिए गए थे. AAP पार्टी ने इन अकाउंट्स को बंद करने के फैसले को असंवैधानिक और मनमाना बताते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार और मेटा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. मेटा (Meta) ने सरकार के कानूनी नोटिस और आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की थी.
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया हैंडल को सस्पेंड करने को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाए हैं. दरअसल, अकाउंट पर एक्शन तब हुआ, जब नगर निगम चुनाव प्रचार की तैयारियां चल रही थीं.गुजरात में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था. साथ ही पेज सस्पेंड करने की टाइमिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए थे उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई उस समय की गई, जब राज्य में नगर निगम चुनावों के लिए प्रचार की तैयारियां चल रही थीं।
गढ़वी ने कहा, "जो आम आदमी घर पर बैठा है, वह शायद सड़क पर नहीं आ सकता या पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नहीं जुड़ सकता, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रख रहा था। बीजेपी इतनी डर गई कि उसने किसी तरह AAP के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड करवा दिए।"
BJP इतना क्यों डरी हुई है? अरविंद केजरीवाल ने उठाए सवाल
AAP के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने ईशुदान गढ़वी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए सवाल किया कि आखिर बीजेपी आम आदमी पार्टी से इतनी डरी हुई क्यों है। केजरीवाल ने लिखा, "गुजरात में आम आदमी पार्टी के फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज ब्लॉक किए गए। आखिर क्यों? बीजेपी इतना क्यों डरी हुई है?"
