
जेडीयू विधायक कोमल सिंह की फोटो।Source : Social media
बिहार की राजनीति में युवा चेहरों की चर्चा जब भी होती है, उनमें जेडीयू की विधायक कोमल सिंह का नाम भी तेजी से उभरकर सामने आता है। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली कोमल सिंह ने कम उम्र में विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजनीति में आने से पहले वह क्या करती थीं, उनकी पढ़ाई कहां से हुई और उनका अब तक का सफर कैसा रहा? आइए जानते हैं कोमल सिंह की पूरी कहानी।
कौन हैं कोमल सिंह?
कोमल सिंह जनता दल (यूनाइटेड) की नेता हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर जिले की गायघाट विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर विधायक बनने का गौरव हासिल किया। करीब 30 साल की उम्र में विधानसभा पहुंचने वाली कोमल सिंह बिहार की युवा महिला विधायकों में गिनी जाती हैं।कोमल सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल बिजनेस, पुणे से वर्ष 2017 में एमबीए किया। चुनावी हलफनामे में उनकी शैक्षणिक योग्यता पोस्ट ग्रेजुएट दर्ज है।
राजनीतिक परिवार से है संबंध
कोमल सिंह बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य और जेडीयू के वरिष्ठ नेता दिनेश प्रसाद सिंह की बेटी हैं। उनके पिता लंबे समय से बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं। राजनीतिक माहौल में पली-बढ़ीं कोमल सिंह की सार्वजनिक जीवन और राजनीति में रुचि शुरू से रही।
राजनीति में आने से पहले क्या करती थीं?
चुनावी हलफनामे के अनुसार, राजनीति में सक्रिय होने से पहले कोमल सिंह Consultant और Business के क्षेत्र से जुड़ी थीं। वहीं उनके पति व्यवसायी हैं। उनकी आय के स्रोतों में वेतन, व्यवसाय, किराया और ब्याज से होने वाली आय भी दर्ज है।
राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ?
कोमल सिंह ने वर्ष 2020 में पहली बार गायघाट सीट से चुनाव लड़ा था। उस समय वह लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के टिकट पर मैदान में उतरी थीं, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। बाद में उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) का दामन थामा और 2025 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार के रूप में गायघाट सीट से जीत दर्ज की।
चुनावी हलफनामे की खास बातें
हलफनामे के मुताबिक, कोमल सिंह के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने लगभग 29.65 करोड़ रुपये की संपत्ति और 15.49 करोड़ रुपये की देनदारियां घोषित की हैं।
अब क्या है उनकी जिम्मेदारी?
विधायक बनने के बाद कोमल सिंह के सामने गायघाट विधानसभा क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी है। स्थानीय मुद्दों को विधानसभा में उठाना भी उनकी प्रमुख भूमिका का हिस्सा होगा।
युवा महिला नेतृत्व की नई पहचान
बिहार की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में कोमल सिंह का विधायक बनना युवा महिला नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। अब उनकी राजनीतिक पहचान इस बात से तय होगी कि वह अपने क्षेत्र और विधानसभा में कितना प्रभावी काम करती हैं।
