दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में पढ़ाई करने का सपना हर साल लाखों छात्र देखते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या CUET (Common University Entrance Test) दिए बिना DU में एडमिशन मिल सकता है? इसका जवाब पूरी तरह "हाँ" या "नहीं" में नहीं है। अधिकांश अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्स में दाखिले के लिए CUET अनिवार्य है, लेकिन कुछ विशेष श्रेणियों और कार्यक्रमों में अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में छात्रों के लिए सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि वे किसी भी अवसर से वंचित न रह जाएं।DU

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अधिकांश UG कोर्स में CUET है अनिवार्य

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने अधिकांश स्नातक (UG) कोर्स में प्रवेश के लिए CUET को अनिवार्य कर दिया है। यानी BA, BSc, BCom और अन्य रेगुलर कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को पहले CUET देना होगा और फिर CSAS पोर्टल के माध्यम से कॉलेज व कोर्स का चयन करना होगा। केवल 12वीं के अंकों के आधार पर अब रेगुलर UG एडमिशन नहीं मिलता।

इन श्रेणियों में अलग प्रक्रिया से मिल सकता है मौका

हालांकि कुछ विशेष श्रेणियों जैसे Sports Quota, ECA (Extra Curricular Activities), Foreign Nationals आदि के लिए अलग प्रवेश प्रक्रिया होती है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि Sports और ECA श्रेणी में भी CUET स्कोर का महत्व बना रहता है। वर्तमान नियमों के अनुसार इन श्रेणियों में 25% वेटेज CUET स्कोर और 75% वेटेज ट्रायल/सर्टिफिकेट को दिया जाता है। इसलिए केवल स्पोर्ट्स या ECA के आधार पर CUET के बिना एडमिशन मिलना संभव नहीं है।

किन कोर्स और संस्थानों में CUET जरूरी नहीं हो सकता?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुछ विशेष कार्यक्रम, जैसे कुछ PG, PhD, विदेशी छात्रों (Foreign Nationals) या अन्य विशेष प्रवेश श्रेणियों में अलग नियम लागू हो सकते हैं। इसके अलावा DU के अंतर्गत आने वाले कुछ संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया भी अलग हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को हर कोर्स की आधिकारिक प्रवेश सूचना ध्यान से पढ़नी चाहिए और उसी के अनुसार आवेदन करना चाहिए।

एडमिशन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यदि आपका लक्ष्य दिल्ली यूनिवर्सिटी में रेगुलर UG कोर्स में प्रवेश लेना है, तो CUET देना लगभग अनिवार्य है। आवेदन के दौरान CSAS पोर्टल पर समय से रजिस्ट्रेशन करें, सही विषय संयोजन चुनें और सभी जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। यदि आप Sports, ECA या अन्य सुपरन्यूमेरेरी श्रेणी से आवेदन करना चाहते हैं, तो संबंधित प्रमाणपत्र और ट्रायल की तैयारी भी पहले से कर लें। सही जानकारी और समय पर आवेदन ही DU में दाखिले की सबसे बड़ी कुंजी है।