DU Admissions 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ़ वोकेशनल स्टडीज़ में छह अंडरग्रेजुएट कोर्स बंद करने का प्रस्ताव रखा गया है। स्टूडेंट की डिमांड के आधार पर उनकी जगह नए इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स शुरू किए जा सकते हैं। यूनिवर्सिटी का कहना है कि ये बदलाव स्टूडेंट की पसंद को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।DU Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में 2026 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) एडमिशन का प्रोसेस चल रहा है। इस बीच, यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। कॉलेज ऑफ़ वोकेशनल स्टडीज़ (CVS) में छह अंडरग्रेजुएट कोर्स बंद करने का प्रपोज़ल दिया गया है। स्टूडेंट की डिमांड पर, उनकी जगह नए इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स लाए जा रहे हैं। हालांकि, इस प्रपोज़ल का फैकल्टी ने विरोध किया है।कौन से कोर्स बंद किए जा रहे हैं?

कॉलेज ऑफ़ वोकेशनल स्टडीज़ में पाँच बड़े BA (वोकेशनल स्टडीज़) कोर्स बंद करने का प्रस्ताव है: ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, मार्केटिंग मैनेजमेंट और रिटेल बिज़नेस, मटीरियल मैनेजमेंट, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज़, और इंश्योरेंस मैनेजमेंट। इससे पहले, मॉडर्न ऑफ़िस मैनेजमेंट (MOM) कोर्स भी बंद कर दिया गया था। इसका मतलब है कि कुल छह कोर्स पर असर पड़ सकता है।


नए कोर्स की योजना है

इन कोर्स को नए प्रोग्राम से बदला जा रहा है जिनकी स्टूडेंट्स के बीच बहुत ज़्यादा डिमांड है। प्रस्तावित कोर्स में कॉमर्स विद इकोनॉमिक्स, कॉमर्स विद कंप्यूटर साइंस, कॉमर्स विद हिंदी, इकोनॉमिक्स विद मैथ, और हिस्ट्री विद पॉलिटिकल साइंस जैसे इंटरडिसिप्लिनरी कोर्स शामिल हैं। यूनिवर्सिटी का मानना है कि ऐसे कोर्स स्टूडेंट्स को बेहतर करियर ऑप्शन देंगे।यह फ़ैसला क्यों लिया जा रहा है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पिछले कुछ सालों के एडमिशन डेटा का रिव्यू किया। 2022 में CUET के ज़रिए एडमिशन शुरू होने के बाद, कई कॉलेजों में कुछ वोकेशनल और कम पॉपुलर कोर्स में सीटें खाली रह गईं। इसलिए, यूनिवर्सिटी ने एक कमेटी बनाई, जिसने कम डिमांड वाले कोर्स की जगह ज़्यादा पॉपुलर सब्जेक्ट को मिलाकर नए कोर्स शुरू करने की सलाह दी।


टीचर्स ने जताया विरोध

कॉलेज के कॉमर्स डिपार्टमेंट के टीचर्स ने एकमत होकर इस प्रपोज़ल का विरोध किया है। उनका कहना है कि मौजूदा वोकेशनल कोर्स नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के हिसाब से हैं। ये कोर्स स्किल-बेस्ड हैं और स्टूडेंट्स को नौकरी के लिए तैयार करते हैं। टीचर्स ने वाइस-चांसलर, डीन ऑफ़ एकेडमिक्स और डीन ऑफ़ एडमिशन को लिखकर इन कोर्स को जारी रखने की मांग करने का फ़ैसला किया है।सीटों और फैकल्टी पर भी असर पड़ेगा।

कॉलेज मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स से 111 सीटें दूसरे पॉपुलर कोर्स में ट्रांसफर करने का प्लान बना रहा है। इसमें B.Com (ऑनर्स) में एक नया सेक्शन खोलना और इंग्लिश, हिस्ट्री और इकोनॉमिक्स जैसे कोर्स में सीटें बढ़ाना शामिल हो सकता है। टीचर्स का कहना है कि अगर यह प्रपोज़ल लागू होता है, तो डिपार्टमेंट में 8 से 10 टीचिंग पोजीशन पर असर पड़ सकता है।


यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडमिशन डायरेक्टर, हनीत गांधी के मुताबिक, यह बदलाव पूरी तरह से स्टूडेंट की पसंद और एडमिशन ट्रेंड के आधार पर किया जा रहा है। जिन कोर्स में लगातार कम दिलचस्पी दिखाई गई है, उन्हें उन कोर्स से बदला जा रहा है जिन्हें स्टूडेंट पसंद करते हैं। उन्होंने साफ किया कि नए कोर्स पहले से ही DU के दूसरे कॉलेजों में पढ़ाए जा रहे हैं और उन्हें मौजूदा फैकल्टी ही पढ़ाएगी।