मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी आंदोलन सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन और तेज हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)की ओर से बुलाए गए 'संसद मार्च' के दौरान संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
Delhi CJP Protest: CJP प्रवक्ता सौरव दास का दावा- अभिजीत दीपके हिरासत में, ' जानिए संसद मार्च' की बड़ी बातें!Source : PTI
इसी बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली के ओखला स्थित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दफ्तर में घुस गए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। पुलिस के मुताबिक, एनटीए कार्यालय में किसी भी तरह की सुरक्षा में सेंध नहीं लगी और वहां हालात पूरी तरह सामान्य हैं।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि परीक्षा परिणाम से जुड़ी शिकायतों के सिलसिले में 5 से 7 अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा किसी भी प्रदर्शनकारी ने एनटीए कार्यालय में जबरन प्रवेश नहीं किया। पुलिस ने लोगों से केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है।
सोमवार को बड़ी संख्या में CJP समर्थक और युवा प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे, जहां से उन्होंने*'चलो संसद' मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने पहले ही इस मार्च की अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। हालात तनावपूर्ण होने पर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और कुछ स्थानों पर हल्का बल प्रयोग भी किया गया।
प्रदर्शनकारी लगातार NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और राजधानी में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
'संसद मार्च' की बड़ी बातें
1. संसद की ओर मार्च के दौरान बैरिकेड्स तोड़ने की कथित कोशिश में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं। सेंट्रल दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद किए जाने की भी खबरें सामने आईं।
2. CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "पुलिस ने दीपके को हिरासत में ले लिया है। हम सभी सांसदों से अपील करते हैं कि वे छात्रों के समर्थन में आगे आएं। पुलिस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है और उनकी पिटाई कर रही है।"
3. CJP के 'संसद मार्च' के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की।
4. जब CJP कार्यकर्ता संसद तक विरोध मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, तब पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय ले जाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है।
5. सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "दो घंटे से अधिक इंतजार के बाद मैंने जे.पी. नड्डा से उनके आवास पर करीब 10 मिनट मुलाकात की। हमने उन्हें अपनी मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने भरोसा दिया है कि वे इस पर आंतरिक स्तर पर चर्चा करेंगे। इस बीच बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें आ रही हैं।"
6. जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेहा, मनीष और आमीन ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
7. सांसद मनोज झा, राजाराम सिंह, अमरा राम, डॉ. योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, प्रोफेसर अतुल सूद और अभिनेता प्रकाश राज के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की अपील पर तीनों छात्रों ने अनशन खत्म किया।
8. 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आग्रह पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी। वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।
9. दीपके ने अपना अनशन तब शुरू किया था, जब 18 जुलाई को 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
10. CJP ने अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की। पार्टी ने कहा, "भले ही आपको कुछ जगहों पर रोका गया हो, शांत रहें और शांति बनाए रखें। हम इसे सिर्फ शांति और प्यार से ही जीतेंगे।"
11. सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अधिकारियों से अपील की कि उन्हें कुछ समय के लिए छुट्टी दी जाए, ताकि वे CJP के संसद मार्च में शामिल हो सकें।
