शायना जमील

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि एक बहु‑दवा‑प्रतिरोधी कवक (fungus) Candida auris दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है और पहले से ज़्यादा खतरनाक रूप ले रहा है। हाल ही में प्रकाशित समीक्षा में बताया गया है कि यह कवक अब सत्तर से अधिक देशों में पाया गया है और इससे होने वाला संक्रमण अत्यधिक मौत दर वाला बन चुका है।

क्या है Candida auris? 

Candida auris एक प्रकार का कवक है, जिसे स्वास्थ्य‑सेवा से जुड़ी रोगों के रूप में देखा जाता है। यह शरीर के अंदर घुसकर गंभीर संक्रमण कर सकता है, विशेषकर उन लोगों में जिनकी रोग‑प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।

वैश्विक फैलाव और खतरा

• यह कवक अधिकृत देशों में फैल चुका है और अस्पतालों में स्थानीय रूप से संक्रमण फैलाने लगा है, जिससे यह स्थायी रूप से फैलने लगा है।

• यूरोप के कई देशों में मामलों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई है और यह अब वहाँ endemic यानी स्थायी रूप से विद्यमान माना जा रहा है। 

• वैज्ञानिक समीक्षा के अनुसार, Candida auris अब 6.5 मिलियन से ज़्यादा लोगों को प्रभावित कर सकता है और इससे जुड़ी मौत की दर 50% से ऊपर है। 

 दवा‑प्रतिरोध और चुनौतियाँ

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कवक अमूमन एंटीफंगल दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होता है, जिससे इलाज बेहद कठिन हो जाता है। यह मानव त्वचा पर टिक सकता है और साधारण सतहों पर भी लंबे समय तक जीवित रह सकता है। 

 नए शोध और आशा की किरण

दुनिया भर के वैज्ञानिक लगातार इस कवक को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में शोधकर्ताओं ने इसके जीन और संक्रमण के तरीकों को समझने में प्रगति की है, जिससे भविष्य में नई इलाज़ की राह खुल सकती है। 

 क्या यह आम जनता के लिए खतरा है?

जहाँ Candida auris संक्रमण आम लोगों के लिये सीधे खतरा नहीं माना जाता, वहीं अस्पतालों, बुज़ुर्गों और कमजोर रोग‑प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिये यह बहुत गंभीर हो सकता है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सख़्त संक्रमण नियंत्रण उपायों को अपनाया जाना चाहिए। 

 क्या करें?

✔️ अस्पतालों में साफ‑सफ़ाई और संक्रमण नियंत्रण बढ़ाएँ

✔️ उच्च‑जोखिम समूहों में सतर्कता रखें

✔️ डॉक्टर से परामर्श लें अगर असामान्य संक्रमण के लक्षण दिखें