मुंबई: परीक्षा पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुंबई से एक वीडियो सामने आया है, जिसने विवाद खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी हिरासत में लिए गए छात्रों को कथित तौर पर झूठे ड्रग्स मामले में फंसाने की धमकी देता हुआ सुनाई दे रहा है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
t
छात्रों को कथित तौर पर दी गई धमकी
वीडियो में पुलिसकर्मी पुलिस वैन की ड्राइवर सीट पर बैठा दिखाई देता है। वह पीछे बैठे छात्रों से कहता है कि यदि वे दोबारा प्रदर्शन में शामिल हुए तो उनकी जेब में 50 ग्राम ड्रग्स का पैकेट डालकर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया जाएगा, जिससे उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी और उन्हें जेल जाना पड़ेगा। वीडियो में छात्र इस दौरान मुस्कुराते हुए भी नजर आते हैं।
जांच के आदेश, चालक को हटाया गया
वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मुंबई के डीसीपी अकबर पठान ने बताया कि संबंधित पुलिस वाहन के चालक को उसके पद से हटा दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
घटना पर कांग्रेस ने कहा कि छात्रों को डराने की कोशिश लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। पार्टी ने कहा कि छात्रों के सवालों का जवाब जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, न कि धमकियों के जरिए।
आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस मामले पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी घटना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों के दुरुपयोग की आशंका बेहद गंभीर है और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
देशभर में फैल रहा छात्र आंदोलन
पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। दिल्ली में CJP के नेतृत्व में शुरू हुए प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई सहित कई राज्यों में छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद यह आंदोलन देश के कई हिस्सों में फैल गया है।
