उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब प्रभावशाली नेताओं की चर्चा होती है तो उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। छात्र राजनीति से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले ब्रजेश पाठक ने वकालत, संसदीय राजनीति और संगठन में अपनी सक्रिय भूमिका के दम पर अलग पहचान बनाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से सांसद बनने से लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने और फिर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बनने तक का उनका राजनीतिक सफर कई अहम पड़ावों से होकर गुजरा है। वर्तमान में वह योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री के साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आइए जानते हैं कि ब्रजेश पाठक कौन हैं, उनका राजनीतिक सफर कैसे शुरू हुआ और वह उत्तर प्रदेश की राजनीति के अहम चेहरों में कैसे शामिल हुए।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफ़र
ब्रजेश पाठक का जन्म 25 जून 1964 में हरदोई जिले के मल्लावां में उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून (LLB) की पढ़ाई की और छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने वकालत के साथ राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ाई और धीरे-धीरे प्रदेश की राजनीति में पहचान बनाई।
बसपा से भाजपा तक का सफर
ब्रजेश पाठक ने अपने छात्र जीवन से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरूआत की थी. उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से राजनीतिक सफ़र शुरू किया था वर्ष 2004 में वह उन्नाव लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। बाद में उन्होंने बसपा छोड़कर वर्ष 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी ने अहम जिम्मेदारियां दीं और 2017 में वह लखनऊ मध्य विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें कानून एवं न्याय मंत्री बनाया गया।
उपमुख्यमंत्री कैसे बने?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा की दोबारा जीत के बाद ब्रजेश पाठक को प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। वर्तमान में वह स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सरकार और संगठन, दोनों स्तरों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
