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बिहार में मौसम अब तेज़ी से बदल रहा है। और इसका असर लगभग हर राज्य में दिख रहा है। राज्य के लगभग सभी जिलों में मानसून एक्टिव हो गया है। आज सुबह से राजधाानी पटना में गरज से साथ बारिश के असार दिख रहे हैं। इसके साथ कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के साथ ठनका और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। IMD की रिपोर्ट में गुरुवार को पटना समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 5 से 7 जुलाई के बीच बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

आज राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की फुलकी वर्षा की संभावना है। हवा की गति 30-40 किमी प्रतिघंटा रहने की संभावना है। मौसमविदों के मुताबिक पांच से सात जुलाई के बीच वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी का पूर्वानुमान है। मानसून के प्रसार से दक्षिण बिहार के जिलों को तपिश से राहत मिली है। पुरवाई के प्रसार से तापमान में कमी आई है। बादलों के बरसने से दक्षिण पश्चिमी बिहार के जिलों को प्रचंड गर्मी से राहत मिली है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश से गर्मी से राहत, लेकिन उमस ने बढ़ाई परेशानी

पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण दक्षिण बिहार के कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने से उमस भी काफी बढ़ गई है। भागलपुर में गुरुवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद अधिकतम तापमान घटकर 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं पटना में भी 1.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जिससे मौसम सुहावना तो हुआ लेकिन नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।

अगले कुछ दिनों में और तेज होगा मानसून, किसानों को भी सलाह

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 5 से 7 जुलाई के बीच मानसून और मजबूत होगा, जिससे बिहार के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। भागलपुर, बांका, रोहतास और कैमूर के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मुजफ्फरपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है, जबकि 5 जुलाई को कई जगहों पर तेज बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने सिंचाई की सुविधा वाले किसानों को मध्यम अवधि वाली धान की किस्मों की नर्सरी तैयार करने की सलाह दी है, ताकि मानसून का बेहतर लाभ उठाया जा सके।