पटना: बिहार लेजिस्लेटिव काउंसिल के मॉनसून सेशन के आखिरी दिन उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब जेडीयू के चीफ स्पोक्सपर्सन और MLC नीरज कुमार ने नए चुने गए MLC पवन सिंह की गैरमौजूदगी पर तीखी टिप्पणी की। कार्यवाही के दौरान उन्होंने कहा कि सदन डेमोक्रेटिक सिस्टम में सबसे ऊंचा फोरम है और किसी भी पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव की पहली जिम्मेदारी सदन में मौजूद रहना और जनता के मुद्दे उठाना है।
नीरज कुमार ने कहा, "सदन सिर्फ पैसा जुटाने की जगह नहीं है। लोग यहां सीखने, जनता के मुद्दे उठाने और डेमोक्रेसी को मजबूत करने आते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि लेजिस्लेटिव काउंसिल और लेजिस्लेटिव असेंबली जैसे फोरम नए पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव को अनुभव हासिल करने, नियम-कानून समझने और सीनियर सदस्यों से सीखने का मौका देते हैं। इसलिए, किसी सदस्य का लगातार गैरमौजूद रहना गलत है।
जेडीयू नेता ने कहा कि हर पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव की यह जिम्मेदारी है कि वह जनता के उस भरोसे पर खरा उतरे जो उन्होंने अपने रिप्रेजेंटेटिव पर जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पवन सिंह रेगुलर हाउस की कार्रवाई में हिस्सा लेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
हालांकि, इसी बीच, BJP MLC पवन सिंह बिहार लेजिस्लेटिव काउंसिल पहुंचे। उनके साथ BJP और जेडीयू के कई सीनियर नेता भी थे। पहुंचने पर पवन सिंह ने लेजिस्लेटिव काउंसिल के चेयरमैन अवधेश नारायण सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलकों में इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या पवन सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर उठाए गए सवालों का असर भविष्य के राजनीतिक फैसलों पर पड़ेगा।
अपने बयान में नीरज कुमार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव पूरे मॉनसून सेशन के दौरान हाउस से गैरहाजिर रहे। जेडीयू नेता ने कहा, "तेजस्वी यादव पूरे सेशन के दौरान दिखे तक नहीं। यह लेजिस्लेटिव असेंबली और लेजिस्लेटिव काउंसिल जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मैंने सुना है कि तेजस्वी यादव अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में मध्यस्थता करने गए हैं। वह कहां हैं?
नीरज कुमार ने कहा कि विपक्ष के नेता की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि वह हाउस में मौजूद रहें, सरकार से सवाल करें और लोगों की आवाज उठाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव सदन से सैलरी और सुविधाएँ लेते हैं, लेकिन कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेते, जिससे जनादेश और लोकतंत्र दोनों के बारे में अच्छा मैसेज नहीं जाता।
RJD अक्सर दावा करती रही है कि तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव की सेवा में बिज़ी हैं। नीरज कुमार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह सेवा में बिज़ी हैं, तो विदेश से आने वाली अपनी तस्वीरें कैसे देख सकते हैं?
बिहार विधान परिषद के आखिरी दिन दिए गए इन बयानों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पवन सिंह की सदन में मौजूदगी पर चर्चा हो रही है, वहीं तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों से बिहार की राजनीति और तेज़ होने की संभावना हैl
