बिहार विधानसभा। | Source: Chrome

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बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। इस बार का सत्र कई मायनों में खास माना जा रहा है। एक ओर जहां जमीन, टैक्स, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े 13 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे, वहीं पहली बार विधायकों को शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।

पहली बार ऑनलाइन होगी शून्यकाल और ध्यानाकर्षण की प्रक्रिया

बिहार विधानसभा के इतिहास में पहली बार विधायकों को डिजिटल माध्यम से शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भेजने की सुविधा दी गई है। इसके लिए समय भी निर्धारित किया गया है। विधायक सुबह 8 बजे से 9 बजे तक शून्यकाल और 9 बजे से 10 बजे तक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य कार्यवाही को अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है।

दाखिल-खारिज, GST और जुआ प्रतिषेध समेत कई अहम विधेयक

मॉनसून सत्र के दौरान कुल 13 महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए जाएंगे। इनमें बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026 तथा बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026 प्रमुख हैं। इन प्रस्तावित कानूनों का असर भूमि प्रबंधन, राजस्व और कर व्यवस्था पर पड़ने की संभावना है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और कारोबार से जुड़े विधेयक भी होंगे पेश

सत्र के दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग से संबंधित कई अन्य विधेयकों पर भी चर्चा होगी। इनमें बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026, बिहार नगर विकास विधेयक 2026 और बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक 2026 शामिल हैं।इसके अलावा बिहार दुकान एवं प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक 2026, भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक 2026, निबंधन (बिहार संशोधन) विधेयक 2026 और बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026 भी सदन में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे।

सुरक्षा के बीच 24 जुलाई तक चलेगा सत्र

24 जुलाई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय मॉनसून सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि सभी महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्धारित समय के भीतर चर्चा कर उन्हें आगे बढ़ाया जाए।