रेहान फ़ज़ल 

अमेरिका ने मिस्र, लेबनान और जॉर्डन में सक्रिय संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड को ‘आतंकवादी संगठन’ घोषित कर दिया है। यह जानकारी 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मुस्लिम ब्रदरहुड पर आरोप है कि उसका संबंध कट्टरपंथी गतिविधियों से रहा है और वह विभिन्न देशों में राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देता रहा है। इसी आधार पर संगठन को आतंकवादी सूची में शामिल किया गया है।

यह फैसला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मानवाधिकार संगठनों और कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम ब्रदरहुड एक सामाजिक-राजनीतिक संगठन भी रहा है और उसे पूरी तरह आतंकवादी संगठन घोषित करना विवादास्पद कदम हो सकता है।

इस निर्णय के बाद मध्य पूर्व के देशों में इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों को लेकर बहस तेज़ हो गई है।