Uक्रिकेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब सिर्फ आंकड़ों के विश्लेषण तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) ने खिलाड़ियों के चयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में AI तकनीक को शामिल करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाना है। हालांकि, अंतिम फैसला पहले की तरह चयन समिति ही करेगी।


खिलाड़ियों के प्रदर्शन का करेगा AI विश्लेषण

एमपीसीए के अनुसार, AI सिस्टम खिलाड़ियों के रन, विकेट, फिटनेस और अन्य प्रदर्शन संबंधी आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण करेगा। इसके आधार पर चयनकर्ताओं को खिलाड़ियों के चयन के लिए सुझाव दिए जाएंगे। यदि चयन समिति AI की सिफारिश से अलग फैसला लेती है, तो उसे उसका कारण भी दर्ज करना होगा। इससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।


चयन ही नहीं, प्रशासन में भी होगा AI का इस्तेमाल

एमपीसीए ने स्पष्ट किया है कि AI तकनीक का उपयोग केवल टीम चयन तक सीमित नहीं रहेगा। जिला और संभागीय क्रिकेट इकाइयों को दिए जाने वाले अनुदानों की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच, खर्च की निगरानी और वित्तीय प्रबंधन में भी AI की मदद ली जाएगी। इससे प्रशासनिक कार्यों को अधिक डिजिटल और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


MPL में हो चुका है सफल परीक्षण

एमपीसीए अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया ने बताया कि इस AI प्रणाली का परीक्षण मध्य प्रदेश लीग (MPL) के टी20 टूर्नामेंट के दौरान किया जा चुका है। अब इसे सितंबर से शुरू होने वाले घरेलू क्रिकेट सत्र से पहले जिला और संभागीय इकाइयों में लागू करने की तैयारी की जा रही है।


दुनिया का पहला क्रिकेट बोर्ड बनने का दावा

एमपीसीए का दावा है कि खेल प्रशासन और खिलाड़ियों के चयन में इस स्तर पर AI आधारित व्यवस्था लागू करने वाला यह दुनिया का पहला क्रिकेट संगठन बन सकता है। इस परियोजना के लिए एमपीसीए ने AI स्टार्टअप Emergent के साथ साझेदारी की है। कंपनी के अनुसार, पिछले छह महीनों से क्रिकेट प्रशासन की विभिन्न प्रक्रियाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इसे वैश्विक स्तर पर भी लागू किया जा सके।