
आज के समय में हमारी खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान का सबसे बुरा असर हमारे शरीर के मुख्य अंग यानी लिवर पर पड़ रहा है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि लिवर एक ऐसा शांत अंग है जो शुरुआती दिक्कतों में कोई बड़ा दर्द या लक्षण नहीं दिखाता। यही वजह है कि ज्यादातर मामलों में लोगों को लिवर की बीमारी का पता तब चलता है जब वह 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुका होता है। डॉक्टरों के अनुसार, जब लिवर अपनी क्षमता से बहुत कम काम करने लगता है, तो शरीर कुछ ऐसे गंभीर इशारे देने लगता है जिन्हें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जब किसी व्यक्ति का लिवर 80 फीसदी तक खराब हो जाता है, तो उसके शरीर में सबसे पहला और साफ बदलाव आंखों और त्वचा के रंग में दिखता है। शरीर में बिलिरूबिन नाम के तत्व की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाने के कारण आंखें और त्वचा गहरी पीली दिखाई देने लगती हैं, जिसे आम भाषा में लोग गंभीर पीलिया कहते हैं। इसके साथ ही, लिवर के ठीक से काम न करने के कारण पेट के अंदरूनी हिस्सों में पानी जमा होने लगता है, जिससे पेट में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है और वह हमेशा फूला हुआ और सख्त महसूस होता है।
लिवर खराब होने का एक और बड़ा संकेत लगातार रहने वाली कमजोरी और थकावट है। चूंकि लिवर हमारे शरीर के लिए ऊर्जा को स्टोर करने का काम करता है, इसलिए इसके कमजोर होते ही इंसान बिना कुछ काम किए भी हर वक्त थका-थका महसूस करता है। इसके अलावा, त्वचा पर बिना किसी दाने या रैशेज के अचानक बहुत तेज खुजली होना, यूरिन का रंग चाय की तरह गहरा पीला हो जाना और मल का रंग मटमैला हो जाना भी लिवर फेलियर की तरफ इशारा करता है। इस स्थिति में शरीर में खून का थक्का जमने की क्षमता भी कम हो जाती है, जिससे हल्की सी खरोंच आने पर भी बहुत ज्यादा खून बहने लगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को लिवर से जुड़ी हल्की सी भी परेशानी है, तो उसे अपने खान-पान को लेकर तुरंत सख्त हो जाना चाहिए, खासकर मांसाहारी (नॉन-वेज) भोजन करने वाले लोगों को। डॉक्टरों के मुताबिक, मटन और बीफ जैसे रेड मीट से तुरंत तौबा कर लेनी चाहिए क्योंकि इनमें सैचुरेटेड फैट बहुत ज्यादा होता है, जिसे पचाने के लिए बीमार लिवर को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। इसी तरह दुकानों पर मिलने वाले प्रोसेस्ड मीट जैसे सॉसेज या सलामी और बहुत ज्यादा तेल-मसालों में डीप फ्राई किया हुआ चिकन लिवर में सूजन को कई गुना बढ़ा देता है।
लिवर को गंभीर स्थिति से बचाने के लिए जरूरी है कि इन भारी और ऑयली नॉन-वेज फूड्स को तुरंत बंद करके हरी सब्जियां, उबली हुई चीजें और ज्यादा से ज्यादा पानी को अपनी डाइट में शामिल किया जाए। अगर कोई व्यक्ति नॉन-वेज के साथ शराब का सेवन भी करता है, तो यह उसके लिवर के लिए सबसे घातक साबित हो सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि शरीर में ऐसे लक्षण दिखते ही बिना किसी देरी के लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) करवाना चाहिए और तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि सही समय पर लिया गया फैसला ही लिवर को पूरी तरह फेल होने से बचा सकता है।
