ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं के लिए काल बनकर आए एक अनियंत्रित ट्रक ने भयावह हादसे को जन्म दे दिया। मंदिर के पास धान से लदा ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गया और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलने के बाद मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस दर्दनाक दुर्घटना में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में पांच से छह लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
रात करीब डेढ़ बजे हुआ हादसा, मंदिर जा रहे थे श्रद्धालु
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा रविवार तड़के करीब 1:30 बजे हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान छिनोर की तरफ से मंदिर की ओर आ रहा धान से लदा ट्रक ढलान वाले मार्ग पर अनियंत्रित हो गया। ट्रक ने रास्ते में लगे पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक की रफ्तार और उसके अनियंत्रित होने के कारण लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। वाहन श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ आगे बढ़ा और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई।
39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, 12 की मौत
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के अनुसार, हादसे के बाद कुल 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 12 लोगों की मौत हो गई। पांच से छह घायल गंभीर रूप से चोटिल हैं और उन्हें फ्रैक्चर होने की जानकारी सामने आई है। अन्य घायलों को भी अलग-अलग तरह की चोटें आई हैं और उनका उपचार किया जा रहा है। इस दुर्घटना में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उनका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, अचानक आया ट्रक और लोगों को कुचलता चला गया
हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि दुर्घटना रात करीब एक बजे के आसपास हुई। उनके अनुसार, ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा हुआ था। वाहन अचानक वहां पहुंचा और कुछ दुकानों तथा सड़क पर मौजूद लोगों को कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने कुछ लोगों को घटनास्थल पर ही दम तोड़ते देखा। उनके भाई को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शी के बयान से हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, ट्रक के अनियंत्रित होने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।
ढलान वाला रास्ता, भारी वाहनों की आवाजाही पर थी रोक
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि छिनोर की ओर से आने वाली सड़क पर तेज ढलान है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद धान से लदा ट्रक वहां पहुंचा और पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए नीचे की ओर बढ़ गया। एसएसपी के मुताबिक, ट्रक अनियंत्रित होने के बाद मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए। हादसे में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी पुष्टि की गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक कैसे पहुंचा और बैरिकेड तोड़कर आगे कैसे बढ़ गया।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने दिए जांच के निर्देश
ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि रविवार तड़के करीब 1:30 बजे ट्रक के अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। उन्होंने बताया कि हादसे में लोगों की मौत हुई है और कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं। कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान इस मार्ग पर स्टॉपर और पुलिस जांच चौकी मौजूद थी। ऐसे में यह जांच का विषय है कि ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा। प्रशासन ने ट्रक की यांत्रिक जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम भी भेजी है। टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या ट्रक के अनियंत्रित होने के पीछे कोई अन्य कारण था।
घायलों के सीटी स्कैन और एक्स-रे, गंभीर मरीजों पर विशेष निगरानी
प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों की टीम घायलों की चोटों का आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे करा रही है, ताकि उनकी स्थिति के अनुसार उपचार किया जा सके। पांच से छह घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। ऐसे में चिकित्सकीय जांच और समय पर उपचार महत्वपूर्ण है। अस्पताल में भर्ती सभी घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। हादसे के बाद राहत और उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी गई है।
पुलिस बैरिकेड तोड़कर ट्रक के पहुंचने पर उठे सवाल
इस भीषण दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित ढलान वाले रास्ते पर धान से लदा ट्रक कैसे पहुंचा। कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, नवरात्रि के दौरान वहां स्टॉपर और पुलिस जांच चौकी मौजूद थी। इसके बावजूद ट्रक के आगे बढ़ने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। आरटीओ की टीम ट्रक की यांत्रिक जांच करेगी, जबकि पुलिस दुर्घटना के घटनाक्रम और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या हादसा किसी अन्य कारण से हुआ।
दर्दनाक हादसे ने उजागर की सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुआ यह हादसा श्रद्धालुओं के लिए बेहद दुखद साबित हुआ। मंदिर जा रहे लोगों पर अनियंत्रित ट्रक चढ़ने से 12 लोगों की जान चली गई और 29 लोग घायल हो गए। हादसे में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। फिलहाल, घायलों का उपचार जारी है और पुलिस तथा प्रशासन दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। ट्रक की यांत्रिक जांच और प्रतिबंधित मार्ग पर उसके पहुंचने की परिस्थितियों का पता लगने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
