पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) में शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब कुछ लोगों ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। घटना की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब 6 जून को इस तरह के नारे सुनाई दिए हों। दरअसल, इस तारीख का संबंध 1984 के ऑपरेशन ब्लू स्टार और जरनैल सिंह भिंडरांवाले की मौत से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से हर साल यह दिन पंजाब की राजनीति और सिख समुदाय के एक हिस्से के लिए संवेदनशील माना जाता है।
क्या हुआ गोल्डन टेंपल में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के मौके पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए और जरनैल सिंह भिंडरांवाले के पोस्टर भी दिखाई दिए। घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी और पुलिस व प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
आज ही के दिन क्यों लगाए गए नारे?
6 जून, 1984 को भारतीय सेना के ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान जरनैल सिंह भिंडरांवाले मारे गए थे। ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय सेना द्वारा स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए चलाया गया सैन्य अभियान था। यह ऑपरेशन 1 जून से 10 जून 1984 के बीच चला था। सिख समुदाय का एक वर्ग इस दिन को श्रद्धांजलि दिवस के रूप में मनाता है, जबकि कुछ कट्टरपंथी समूह इसी अवसर पर खालिस्तान समर्थक नारे लगाते रहे हैं।
क्यों संवेदनशील है यह मुद्दा?
ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास की सबसे विवादित घटनाओं में से एक माना जाता है। इस कार्रवाई के दौरान स्वर्ण मंदिर परिसर को नुकसान पहुंचा था, जिसके कारण दुनिया भर के सिख समुदाय में गहरी नाराजगी पैदा हुई थी। इसी वजह से हर साल इसकी बरसी पर सुरक्षा बढ़ा दी जाती है और प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष इंतजाम करता है।
