erer | Source: ererनई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा से चर्चा बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में अब तक खेलने का मौका नहीं मिला है। लगातार बेंच पर बैठाए जाने से उनके बचपन के कोच मनीष ओझा नाराज हैं। उन्होंने भारतीय टीम प्रबंधन के फैसलों पर सवाल उठाते हुए मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनकी टीम पर तानाशाही जैसा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। सूर्यवंशी को लगातार अंतिम एकादश से बाहर रखने के फैसले ने युवा खिलाड़ियों को अवसर देने की रणनीति पर नई बहस छेड़ दी है।

'बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी नहीं बनता', कोच का फूटा गुस्सा

मनीष ओझा ने स्पोर्ट्स नाउ से बातचीत में कहा कि मौजूदा टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को लगातार बेंच पर बैठाकर तैयार करने की सोच रखता है, जो उनके अनुसार सही तरीका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीम में फैसले मनमाने ढंग से लिए जा रहे हैं और सूर्यवंशी को अवसर नहीं मिलने से निराशा हो सकती है।

कोच का कहना है कि किसी खिलाड़ी की प्रतिभा निखारने के लिए उसे मैदान पर खेलने के अवसर देना जरूरी है। केवल टीम के साथ रखने और बाहर बैठाने से उसकी क्षमताओं का सही आकलन नहीं हो सकता। उनके इस बयान ने सूर्यवंशी को मौका नहीं मिलने के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भी इंतजार, आखिर क्यों नहीं मिल रहा मौका?

वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में इंग्लैंड में अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया था। खबर में दिए गए विवरण के मुताबिक, वह अब तक आठ टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं। इंग्लैंड के अलावा जिम्बाब्वे और जापान में भी उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

हालांकि, भारतीय जमीन पर उन्हें अब तक अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का अवसर नहीं मिला है। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में भी वह अंतिम एकादश से बाहर रहे थे। अब वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी सीरीज में भी उन्हें मौका नहीं मिलने से उनके प्रशंसकों और कोच की नाराजगी सामने आई है।

संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी पर गंभीर का भरोसा कायम

भारतीय टीम में सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए सूर्यवंशी की प्रतिस्पर्धा संजू सैमसन से मानी जा रही है। फिलहाल टीम प्रबंधन संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की जोड़ी को प्राथमिकता दे रहा है। सैमसन का पिछला प्रदर्शन भी उनके पक्ष में जाता है। उन्होंने 2026 टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत में अहम योगदान दिया था और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए थे।

ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने एक ओर अनुभवी और सफल सलामी जोड़ी को बरकरार रखने का विकल्प है, तो दूसरी ओर युवा सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर देने की मांग उठ रही है।

इंग्लैंड में सूर्यवंशी को मौका देने के लिए सैमसन को बैठाना पड़ा था बाहर

वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड दौरे पर पदार्पण का अवसर दिए जाने के समय संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया था। गौतम गंभीर ने बाद में इस फैसले को अपने कोचिंग कार्यकाल के कठिन निर्णयों में से एक बताया था।

गंभीर के अनुसार, खिलाड़ियों के चयन में उनकी मौजूदा फॉर्म और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखना पड़ता है। उन्होंने सैमसन की प्रतिभा और टी20 विश्व कप में उनके प्रदर्शन की सराहना भी की थी। गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया था कि सूर्यवंशी से बातचीत की गई है और उन्हें अपने अवसर का इंतजार करना होगा।

युवा प्रतिभा को मौका या टीम संयोजन को प्राथमिकता, बहस तेज

सूर्यवंशी को लगातार बाहर रखे जाने के मामले में अब दो अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं। उनके कोच का मानना है कि प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी को मैदान पर उतरने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए, जबकि टीम प्रबंधन मौजूदा सलामी जोड़ी और टीम संयोजन को प्राथमिकता दे रहा है।

अब सवाल यह है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के शेष मुकाबलों में सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या उन्हें आगे भी इंतजार करना पड़ेगा। उनके कोच की नाराजगी के बाद चयन संबंधी फैसलों पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें और अधिक टिक गई हैं।