हैदराबाद के मसाब टैंक इलाके में रविवार की सुबह बाकी दिनों जैसी ही शुरू हुई थी। सुबह करीब 5:45 बजे का वक्त था। सड़कों पर ज्यादा भीड़ नहीं थी और शहर धीरे-धीरे जाग रहा था। इसी दौरान तेलंगाना हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील ख्वाजा मोइजुद्दीन अपने घर से बाहर निकले। परिवार के मुताबिक वह रोज़ की तरह स्विमिंग के लिए जा रहे थे। घर के बाहर उनकी कार खड़ी थी और वह उसकी तरफ बढ़ रहे थे। तभी अचानक एक तेज़ रफ्तार SUV आई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुरू में इसे सड़क हादसा माना गया, लेकिन बाद में मामला कहीं ज्यादा गंभीर दिखाई देने लगा।

आखिर कौन थे ख्वाजा मोइजुद्दीन, जिनकी मौत ने पूरे शहर को हिला दिया?

ख्वाजा मोइजुद्दीन हैदराबाद के कानूनी हलकों में एक जाना-पहचाना नाम थे। वह करीब तीन दशक से ज्यादा समय से वकालत कर रहे थे और तेलंगाना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में उनकी गिनती होती थी। अदालतों में उनका नाम उन वकीलों में लिया जाता था जो मुश्किल और विवादित मामलों से पीछे नहीं हटते थे। पुराने वकील बताते हैं कि वह अपने काम को लेकर काफी गंभीर रहते थे और कई बड़े मामलों में लगातार सक्रिय थे। यही वजह थी कि कानूनी दुनिया में उनकी अच्छी पहचान थी।

वक्फ जमीनों से जुड़े मामले का कर रहे थे पैरवी

पिछले कुछ समय से ख्वाजा मोइजुद्दीन का नाम कथित वक्फ संपत्तियों से जुड़े मामलों को लेकर भी सामने आ रहा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक वह ऐसे मामलों की पैरवी कर रहे थे जिनमें वक्फ बोर्ड की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों और विवादों का मुद्दा उठाया गया था। ये छोटे-मोटे मामले नहीं थे। कई जमीनें करोड़ों की कीमत वाली बताई जा रही हैं और ऐसे मामलों में अक्सर लंबे कानूनी विवाद चलते हैं। घटना के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि इन्हीं मामलों की वजह से उनके पिता पर दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी बाकी है।

परिवार के आरोपों के बाद बदली पूरे मामले की दिशा

घटना के बाद बेटे फरहान सामने आए और उन्होंने साफ कहा कि उनके पिता की मौत को साधारण सड़क हादसा नहीं माना जाना चाहिए। परिवार का आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि पहले भी उनके पिता को निशाना बनाने की कोशिशें हुई थीं और कुछ लोगों से उनका विवाद चल रहा था। परिवार के इन आरोपों के बाद मामला और गंभीर हो गया और पुलिस ने भी जांच का दायरा बढ़ा दिया।


अब पुलिस हादसे के पीछे की कहानी तलाश रही है

फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, SUV की पहचान, उसका रूट और घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि यह सिर्फ तेज़ रफ्तार की वजह से हुआ हादसा था या फिर इसके पीछे कोई पुरानी दुश्मनी, कानूनी विवाद या दूसरी वजह छिपी हुई है। अभी जांच जारी है, लेकिन मसाब टैंक की उस सुबह ने कई सवाल छोड़ दिए हैं, जिनके जवाब का इंतजार अब पूरे शहर को है।