हंतावायरस ने क्रूज शिप पर 3 मौतों के बाद लोगों की चिंता बढ़ा दी है. यह वायरस मुख्य रूप से चूहों से इंसानों में फैलता है और फ्लू जैसे लक्षण पैदा करता है. गंभीर मामलों में मौत का खतरा 40% तक हो सकता है. हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम बताया है, लेकिन सतर्क रहने की सलाह दी है.

हंतावायरस एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से चूहों और उनसे मिलते-जुलते जीवों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है. हाल ही में अर्जेंटीना से केप वर्ड जा रहे एक क्रूज शिप पर इस वायरस से जुड़ा मामला सामने आया, जहां 3 लोगों की मौत हो गई और एक संक्रमण की पुष्टि हुई है. इस घटना के बाद दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है.

हंतावायरस को लेकर डर क्यों बढ़ रहा है?

क्रूज शिप पर हुई मौतों के बाद लोगों में यह डर बढ़ गया है कि कहीं यह वायरस इंसान से इंसान में फैलने वाला न बन जाए. आमतौर पर यह वायरस संक्रमित चूहों के मूत्र, लार या मल के संपर्क में आने से फैलता है. अगर यह इंसानों के बीच तेजी से फैलने लगे, तो स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है.

हंतावायरस के लक्षण क्या हैं?

इस वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं. इनमें बुखार, शरीर दर्द, सिरदर्द, पेट खराब होना और हल्की खांसी शामिल हैं. कुछ लोगों में शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते. गंभीर मामलों में यह फेफड़ों और किडनी को प्रभावित कर सकता है, जिससे सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है.

आम फ्लू से कितना ज्यादा खतरनाक है?

हंतावायरस को सामान्य फ्लू से कहीं ज्यादा खतरनाक माना जाता है. एशिया और यूरोप में पाए जाने वाले कुछ स्ट्रेन में मौत की दर 14% तक हो सकती है, जबकि अमेरिका में पाए जाने वाले कुछ मामलों में यह 40% से भी ज्यादा बताई गई है. यह वायरस फेफड़ों और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.

यह वायरस कैसे फैलता है?

हंतावायरस मुख्य रूप से संक्रमित चूहों के मूत्र, मल, लार या उनके संपर्क से फैलता है. कई बार इनके सूखे कण हवा में मिलकर सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं. चूहे के काटने या खरोंच से भी संक्रमण का खतरा रहता है. ज्यादातर मामले जंगल, खेत या पुरानी इमारतों में काम करने वाले लोगों में देखे जाते हैं.

क्या यह इंसान से इंसान में फैलता है?

आमतौर पर हंतावायरस इंसान से इंसान में नहीं फैलता. हालांकि, एंडीज वायरस नाम का एक स्ट्रेन करीबी संपर्क में फैल सकता है. फिलहाल क्रूज शिप वाले मामले में यह साफ नहीं हुआ है कि संक्रमण इंसानों के बीच फैला या सभी लोग अलग-अलग स्रोतों से संक्रमित हुए.

इलाज क्या है?

फिलहाल हंतावायरस का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है. डॉक्टर मरीज के लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं. गंभीर मामलों में मरीज को ICU में भर्ती कर ऑक्सीजन और सपोर्टिव केयर दी जाती है. समय पर इलाज मिलने से रिकवरी की संभावना बेहतर हो सकती है.

किन लोगों को ज्यादा खतरा है?

बुजुर्ग, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, पहले से बीमार मरीज, किसान और जंगल या खेतों में काम करने वाले लोग ज्यादा जोखिम में माने जाते हैं.

बचाव के लिए क्या सावधानी जरूरी है?

चूहों वाले इलाकों से दूर रहें

घर और आसपास की जगह साफ रखें

चूहों के मल-मूत्र को साफ करते समय मास्क और दस्ताने पहनें

बंद जगहों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें

किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

हंतावायरस के मामले फिलहाल सीमित हैं, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता. WHO के अनुसार अभी आम लोगों के लिए खतरा कम है, फिर भी सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है.