अतुल राय उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक चमकता सितारा हैं। खास कर पूर्वांचल की राजनीति मे गाजीपुर, वाराणसी ,घोसी, मऊ, बलिया और बिहार के कुछ जिलों मे इनका राजनीतिक प्रभाव देखना को मिलता है। शालीनता, मुर्दभाषी, मिलनसार, व्यक्तीव इनकी पहचान है, अपने संघर्षो से बहुत कम समय मे इन्होंने राष्ट्रीय पटल पर अपने पहचान बनाई है, इनकी राजनीति बहुजन समाज पार्टी (BSP) से शुरू हुई, और उनके राजनीतिक सफर मे बहुत उतार चढ़ाओ देखने को मिलते हैं।


साल 2015 में उन्होंने Bahujan Samaj Party जॉइन की। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उन्होंने ज़मानिया सीट से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बावजूद BSP ने उन पर भरोसा कायम रखा।


2019 लोकसभा चुनाव में अतुल राय ने घोसी लोकसभा सीट से BSP उम्मीदवार के रूप मे चुनाव लड़ा और जीत हासिल की उन्होंने अपना प्रतिद्वंद्वी को लगभग 1.2 लाख वोटों के अंतर से हराया। घोसी लोक सभा के पहले सांसद हैं जिन्हे जनता अब तक के इतिहास मे सबसे ज्यादा वोट दिया है, इन्हे 5,73,829 टोटल वोट मिले थे इससे अंदाज इनके लोकप्रियता का लगाया जा सकता है,चुनाव के दौरान उनकी छवि एक ऐसे नेता की रही जो ज़मीनी मुद्दों को खुलकर उठाते थे। संसद में भी उन्होंने पूर्वांचल के विकास, सड़क, रोजगार और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई।


कोविड महामारी के दौरान अतुल राय की टीम लगातार ज़मानिया और घोसी क्षेत्र में सक्रिय रही। उस कठिन समय में उनकी टीम ने जरूरतमंद लोगों तक ऑक्सीजन सिलेंडर, कोविड किट, दवाइयां और जरूरी सहायता पहुंचाने का काम किया। स्थानीय लोगों के अनुसार हजारों परिवारों तक मदद पहुंचाई गई, जिससे कई लोगों की जान बचाने में सहायता मिली। उस दौर में उनकी टीम दिन-रात जनता के बीच रहकर सेवा कार्यों में जुटी रही, जिसने क्षेत्र में उनकी जनसंपर्क और लोकप्रियता को और मजबूत किया।


2024 लोकसभा चुनाव में अतुल राय चुनाव नहीं लड़ पाए, लेकिन इसके बावजूद पूर्वांचल की राजनीति में उनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है। हाल के महीनों में उनके लगातार क्षेत्रीय दौरों और जनता से मुलाकातों ने पूर्वांचल की राजनीति में फिर से हलचल बढ़ा दी है। चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन उसके बाद भी वे लगातार लोगों के बीच मौजूद नजर आ रहे हैं।

अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले चुनाव में अतुल राय किस सीट से मैदान में उतरेंगे। समर्थकों का मानना है कि वे जिस भी सीट से चुनाव लड़ेंगे, वहां उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिलगा । पूर्वांचल की राजनीति में उनकी सक्रियता आने वाले समय में समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।

इनके मिलनसार और सादगी युवाओ के बीच मे इन्हे लोकप्रिय बनाती है, लाख साजिसो के बाद भी जनता की दुआओ से सबको मात देकर चट्टानों की तरह खड़े है, मकसद एक है वो है सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा, बिना किसी पद पर रहते हुए भी लगातार जनता के बीच बने रहना अपने आप मे इंसान को महान बनाता है l