लगातार बढ़ते तापमान और उमस ने लोगों का जीना किया मुश्किल, डॉक्टर बोले- लापरवाही पड़ सकती है भारी

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई राज्यों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर इतना ज्यादा है कि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगहों का सहारा ले रहे हैं। मौसम की मार सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब रातें भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं।

रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बना हुआ है। गर्म हवाएं और उमस लोगों की नींद खराब कर रही हैं। कई शहरों में लोग देर रात तक बेचैनी और घुटन महसूस कर रहे हैं। लगातार कई दिनों से पड़ रही इस भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों पर साफ दिखाई देने लगा है।

दिन में धूप और लू ने बढ़ाई परेशानी

भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया है। सड़क पर चलते ही ऐसा महसूस हो रहा है जैसे आग की लपटें चेहरे से टकरा रही हों। कई इलाकों में लू चलने की वजह से लोगों को चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो रही हैं। खासकर मजदूरों, डिलीवरी कर्मचारियों, ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और खुले में काम करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल तापमान में तुरंत राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। लगातार बढ़ती गर्मी और शुष्क हवाओं ने हालात और कठिन बना दिए हैं। कई शहरों में बिजली की खपत भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है क्योंकि लोग लगातार कूलर और एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

रातों की नींद भी हो रही खराब

आमतौर पर रात में तापमान कम होने से लोगों को राहत मिलती है, लेकिन इस बार कई जगहों पर रात का तापमान भी काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। उमस और गर्मी के कारण लोगों को चैन की नींद नहीं मिल पा रही। देर रात तक गर्मी बने रहने से बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार खराब नींद और शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने से थकान, चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कई लोग सुबह उठने के बाद भी शरीर में भारीपन और कमजोरी महसूस कर रहे हैं।

डॉक्टरों ने दी सेहत को लेकर चेतावनी

दिल्ली के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट Dr. Naresh Trehan ने चेतावनी दी है कि हीटवेव सिर्फ शरीर को बाहरी तौर पर प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर दिल और दिमाग पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखना मुश्किल हो जाता है, जिससे हार्ट पर दबाव बढ़ने लगता है।

डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, बेहोशी, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज, हाई बीपी, डायबिटीज या अस्थमा की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों का शरीर तापमान को नियंत्रित करने में अपेक्षाकृत कमजोर होता है, इसलिए उन्हें हीटवेव का खतरा ज्यादा रहता है। छोटे बच्चों में डिहाइड्रेशन जल्दी हो सकता है, जबकि बुजुर्गों में कमजोरी, सांस फूलना और चक्कर आने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।

इसके अलावा जो लोग लंबे समय तक धूप में रहते हैं या पर्याप्त पानी नहीं पीते, उनमें हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है।

आंखों, त्वचा और पाचन पर भी असर

तेज धूप और गर्म हवाओं का असर आंखों और त्वचा पर भी दिखाई दे रहा है। लोगों को आंखों में जलन, लालपन और ड्राइनेस की शिकायत हो रही है। वहीं त्वचा पर घमौरियां, लाल चकत्ते और जलन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे पेट खराब होना, उल्टी, दस्त और भूख कम लगने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। डॉक्टरों ने बासी और बाहर का खाना खाने से बचने की सलाह दी है।

कैसे करें बचाव?

विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी से बचने के लिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। ORS, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचना चाहिए।

हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने, ज्यादा तेल-मसाले वाले खाने से दूरी बनाने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी गई है। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, बेहोशी या सांस लेने में दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।