Cholesterol Disease India: अध्ययन के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज से होने वाली मौतों और डिसएबिलिटी-एडजस्टेड लाइफ ईयर (DALY) के मामलों में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
भारत में मेटाबॉलिक बीमारियां क्यों बढ़ रही हैं
भारत में मेटाबॉलिक बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ता जा रहा है और अब यह गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। हालिया स्टडी के मुताबिक, टाइप 2 डायबिटीज से होने वाली मौतों और डिसएबिलिटी-एडजस्टेड लाइफ ईयर (DALY) के मामलों में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पहले स्थान पर पहुंच गया है। आइए आपको बताते हैं कि स्टडी में क्या सामने आया।
स्टडी में क्या आया सामने?
11 देशों के एक्सपर्ट्स द्वारा किए गए इस अध्ययन में बताया गया कि वर्ष 1990 में टाइप 2 डायबिटीज के सबसे ज्यादा मामले चीन में थे, इसके बाद भारत, इंडोनेशिया, जापान और पाकिस्तान का स्थान था। लेकिन वर्ष 2023 तक स्थिति बदल गई और भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे अधिक मामलों वाला देश बन गया। यह विश्लेषण ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़ों पर आधारित है।
स्टडी में यह भी सामने आया कि भारत और चीन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पांच प्रमुख मेटाबॉलिक बीमारियों—टाइप 2 डायबिटीज, हाई बीपी, बॉडी मास इंडेक्स, खराब कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर से जुड़ी बीमारियों—का सबसे ज्यादा बोझ उठा रहे हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
स्टडी के लेखक अनूप मिश्रा के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज से जुड़े रोग भार और मौतों के मामले में भारत पहले स्थान पर है, जबकि बाकी चार बीमारियों में चीन पहले और भारत दूसरे स्थान पर है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मेटाबॉलिक बीमारियों का सबसे बड़ा बोझ झेल रहा है।
केवल टाइप 2 डायबिटीज के कारण ही देश में 2.1 करोड़ से अधिक मामले और करीब 5.8 लाख मौतें दर्ज की गईं, जो इसके गंभीर प्रभाव को दर्शाता है।
