पटना में खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक मोर्चे पर बड़ा रूप ले चुका है। फायरिंग, हंगामा और तोड़फोड़ के आरोपों के बीच खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। एक तरफ उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पुलिस जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर उनकी कोचिंग पर फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की आशंका भी जताई जा रही है। इस पूरे मामले ने बिहार के शिक्षा जगत और लाखों छात्रों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खान सर की कोचिंग पर ताला लग सकता है और आखिर

अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है?

गिरफ्तारी पर सस्पेंस, पुलिस ने अपनाई 'वेट एंड वॉच' रणनीति

फायरिंग मामले में नामजद होने के बावजूद अब तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, पटना पुलिस फिलहाल जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपनाई है और वे खान सर के अगले कानूनी कदम का इंतजार कर रहे हैं। चर्चा है कि खान सर सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। पुलिस का मानना है कि यदि आरोपी स्वयं अदालत की शरण में जाता है तो कानूनी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सकती है। इसके अलावा प्रशासन इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि किसी कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो, क्योंकि खान सर के लाखों छात्र और समर्थक हैं।

फायर सेफ्टी ऑडिट के बाद बढ़ी कोचिंग प्रबंधन की चिंता

कानूनी विवाद के बीच खान ग्लोबल स्टडीज को एक और बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में हुए फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान संस्थान में अग्नि सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई कथित कमियां सामने आने की बात कही गई है। फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया तो संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें कोचिंग सेंटर को सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला जांच और नियमों के अनुपालन की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच भी चिंता बढ़ गई है कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो पढ़ाई पर उसका क्या असर पड़ेगा।

बैनर विवाद से शुरू हुआ था पूरा मामला

यह पूरा विवाद एक बैनर को लेकर शुरू हुआ था। आरोप लगाया गया कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद का प्रचार बैनर फाड़ दिया गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। धीरे-धीरे यह विवाद सोशल मीडिया और छात्रों के बीच चर्चा का विषय बन गया। तनाव बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हुई। बाद में मामला इतना बढ़ गया कि कोचिंग संस्थानों के बाहर हंगामा और विरोध प्रदर्शन होने लगे। इसी घटनाक्रम ने आगे चलकर पूरे विवाद को गंभीर मोड़ पर पहुंचा दिया।

फायरिंग और हंगामे के मामले में अब तक पांच गिरफ्तार

पुलिस जांच के दौरान अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद और उनके कुछ सहयोगियों के अलावा खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो निजी सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि वे घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दोनों पक्ष लगातार अपने-अपने दावों को सही बता रहे हैं।

सोमवार की कानूनी कार्यवाही पर टिकी सबकी नजरें

इस पूरे मामले में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की जा सकती है। साथ ही उनके संभावित आत्मसमर्पण को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। यदि अदालत से उन्हें राहत मिलती है तो मामले की दिशा बदल सकती है, जबकि किसी विपरीत निर्णय की स्थिति में उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इसके अलावा फायर सेफ्टी नियमों को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन खान सर, उनकी कोचिंग और इस पूरे विवाद के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।