शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी फाइबर भी है। अगर हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पर्याप्त फाइबर न लिया जाए, तो डाइजेशन सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है।
Side Effects Of Eating Too Much Protein: आजकल फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग के ट्रेंड में ज्यादातर लोग सिर्फ प्रोटीन पर ध्यान देने लगे हैं। जिम शुरू करते ही डाइट में प्रोटीन शेक, चिकन, अंडे और सप्लीमेंट्स की मात्रा बढ़ा दी जाती है, लेकिन इसी चक्कर में कई लोग फाइबर को लगभग भूल जाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर शरीर को सिर्फ प्रोटीन मिलेगा और फाइबर की कमी होगी, तो इसका उल्टा असर भी देखने को मिल सकता है।
क्या फाइबर का ध्यान न रखने से हो सकती है दिक्कत?
नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. ओलुफेमी कासिम के मुताबिक, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी फाइबर भी है। अगर हाई-प्रोटीन डाइट के साथ पर्याप्त फाइबर न लिया जाए, तो डाइजेशन सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है। इससे कब्ज, पेट फूलना, गैस और अनियमित बाउल मूवमेंट जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
हमारे शरीर के लिए फाइबर क्यों है जरूरी?
डॉक्टरों के अनुसार, फाइबर सिर्फ पेट साफ रखने का काम नहीं करता, बल्कि यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मजबूत बनाता है। यही बैक्टीरिया डाइजेशन को बेहतर रखने और शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों की डाइट में फाइबर ज्यादा होता है, उनका माइक्रोबायोम ज्यादा हेल्दी और विविध होता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
फाइबर के बिना प्रोटीन क्यों नहीं करेगा काम?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, फाइबर भोजन के पाचन की गति को धीमा करता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। यही वजह है कि सिर्फ प्रोटीन लेने से शरीर को पूरा फायदा नहीं मिल पाता।
एक एडल्ट को हर दिन कितना चाहिए फाइबर?
डॉ. कासिम का कहना है कि ज्यादातर एडल्ट्स को रोजाना करीब 25 से 35 ग्राम फाइबर लेना चाहिए, लेकिन हाई-प्रोटीन डाइट फॉलो करने वाले कई लोग इस जरूरत का आधा भी पूरा नहीं कर पाते। दूसरी तरफ, कई लोग जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने लगते हैं। आमतौर पर शरीर को रोजाना 50 से 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, लेकिन हाई-प्रोटीन डाइट में यह मात्रा 80 से 90 ग्राम तक पहुंच सकती है।
कम फाइबर लेने वालों को कैंसर का भी खतरा
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लंबे समय तक ज्यादा प्रोटीन और कम फाइबर वाली डाइट लेने से शरीर में सूजन, कब्ज और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं, भविष्य में कोलन कैंसर और दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। खासतौर पर स्मोक्ड मीट और प्रोसेस्ड रेड मीट का ज्यादा सेवन करने वालों में यह जोखिम अधिक माना गया है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि डाइट में सिर्फ प्रोटीन नहीं, बल्कि फाइबर से भरपूर चीजें भी शामिल करनी चाहिए।
कहां से मिलेगा शरीर को फाइबर?
फल, सब्जियां, ओट्स, चिया सीड्स, दालें, क्विनोआ और साबुत अनाज शरीर को जरूरी फाइबर देते हैं। इसके साथ ही फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ानी चाहिए और पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, ताकि पेट से जुड़ी समस्याएं न हों।
Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह की डाइट, सप्लीमेंट या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
