बिहार की राजनीति में एक बार फिर सत्ता बदलते ही फैसलों की दिशा बदलती नजर आ रही है। नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जो सीधे तौर पर पिछली व्यवस्था को पलटते दिखाई देते हैं। इन फैसलों ने जहां प्रशासनिक हलकों में हलचल मचाई है, वहीं सरकारी कर्मचारियों के बीच राहत और उम्मीद दोनों की लहर दौड़ा दी है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी ने सबसे बड़ा कदम उठाते हुए उन 224 राजस्व कर्मियों का निलंबन रद्द कर दिया, जिन्हें पहले अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया था। यह फैसला उस समय लिया गया था जब विजय सिन्हा भूमि सुधार और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उस दौर में कर्मचारियों की हड़ताल को सख्ती से लिया गया और बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई थी।
दरअसल, फरवरी 2026 में राजस्व विभाग के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे। सरकार ने इसे नियमों के खिलाफ मानते हुए कड़ा रुख अपनाया और सैकड़ों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। लेकिन अब नई सरकार ने इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देखा और कर्मचारियों को राहत देने का रास्ता चुना।
यही नहीं, सम्राट सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उस विवादित आदेश को भी वापस ले लिया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को सेवा काल में केवल एक बार ही विभागीय या प्रतियोगी परीक्षा देने की अनुमति दी गई थी। इस आदेश को कर्मचारियों के भविष्य के लिए बाधा माना जा रहा था और लंबे समय से इसके खिलाफ आवाज उठ रही थी।
सरकारी कर्मचारियों का कहना था कि यह नियम उनके करियर की संभावनाओं को सीमित कर देता है और आगे बढ़ने के रास्ते बंद कर देता है। कई कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले को अनुचित बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की थी। अब जब यह आदेश निरस्त कर दिया गया है, तो कर्मचारियों के बीच एक नई ऊर्जा और संतोष का माहौल देखने को मिल रहा है।
हालांकि, इन लगातार फैसलों ने राजनीतिक हलकों में एक अलग बहस भी छेड़ दी है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या नई सरकार पिछली नीतियों से दूरी बनाकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही है, या फिर यह प्रशासनिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदम हैं।
जो भी हो, इतना साफ है कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ फैसलों की दिशा भी तेजी से बदल रही है। इन बदलावों का असर आने वाले समय में प्रशासन, राजनीति और कर्मचारियों के मनोबल—तीनों पर साफ दिखाई देगा।
