पटना, 23 अप्रैल। बिहार में हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत सोनपुर और अजगैवीनाथ धाम में दो नए हवाई अड्डों को मंजूरी मिलने से राज्य के बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इन परियोजनाओं को केवल परिवहन सुविधा के रूप में नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन और रोजगार के नए अवसरों के रूप में भी देखा जा रहा है।


सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसके निर्माण से पटना पर दबाव कम होगा और उत्तर बिहार के कई जिलों को सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना व्यापार, उद्योग और निवेश के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगी।  


इसी तरह भागलपुर जिले के सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम में हवाई अड्डे की योजना धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। श्रावणी मेले और बाबा बैद्यनाथ धाम यात्रा से जुड़े लाखों श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह परियोजना भागलपुर, मुंगेर, बांका, खगड़िया और आसपास के क्षेत्रों के लिए भी नई कनेक्टिविटी का मार्ग खोल सकती है।  


जानकारों के अनुसार बिहार लंबे समय से हवाई ढांचे के विस्तार की जरूरत महसूस कर रहा था। पटना और दरभंगा के अलावा नए हवाई अड्डों के विकास से राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। हाल के वर्षों में उड़ान योजना के तहत राज्य में कई नए एयरपोर्ट प्रस्तावों पर काम तेज हुआ है और इन दो नई परियोजनाओं को उसी कड़ी में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।  


सरकारी स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्माण कार्य से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ पर्यटन, होटल, परिवहन और सेवा क्षेत्र में भी विस्तार की संभावना है।


हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि हवाई अड्डा परियोजनाओं की सफलता केवल निर्माण तक सीमित नहीं होती, बल्कि नियमित उड़ान संचालन, यात्री मांग और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी निर्भर करती है। फिर भी इन घोषणाओं को बिहार की आधारभूत संरचना में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।


राजनीतिक और आर्थिक हलकों में इन परियोजनाओं को भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती हैं, तो सोनपुर और अजगैवीनाथ धाम आने वाले वर्षों में बिहार के नए विमानन केंद्र बन सकते हैं।