बिहार के सीमांचल क्षेत्र से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। युवा नेता सैफ अली खान ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ले ली है। उन्होंने पटना में कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के नेताओं के सामने शामिल होकर राजनीति में नया कदम बढ़ाया है।

सैफ अली खान पहले भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। साल 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कटिहार जिले की मनिहारी सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। यह सीट अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित है। उस समय वे “मुस्लिम आदिवासी पहचान” के साथ चुनाव लड़ने के कारण काफी चर्चा में रहे थे, क्योंकि हिंदी पट्टी में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।

सैफ अली खान को एक मेहनती और जुझारू युवा नेता माना जाता है। वे लंबे समय से लोगों के बीच काम कर रहे हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दों को उठाते रहे हैं। खासकर युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान है।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद सैफ अली खान ने कहा कि इस समय राजनीति में लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पार्टियां नफरत और विवाद की राजनीति कर रही हैं, जिससे असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उनका कहना है कि विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो सभी लोगों को साथ लेकर चलने की बात करती है। सैफ का मानना है कि देश और क्षेत्र को जोड़ने वाली सकारात्मक राजनीति की जरूरत है।

उनके कांग्रेस में आने के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया है। कई लोगों का मानना है कि सैफ जैसे युवा नेता के आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी और भविष्य में इसका फायदा मिल सकता है।

मनिहारी सीट की बात करें तो यहां मुस्लिम और आदिवासी दोनों समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। ऐसे में सैफ अली खान की पहचान और अनुभव आने वाले चुनाव में असर डाल सकते हैं।