पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस बार कांग्रेस राज्य में अकेले दम पर चुनाव लड़ रही है और पार्टी को अच्छे प्रदर्शन की पूरी उम्मीद है। कोलकाता दौरे के दौरान दिए गए एक इंटरव्यू में गहलोत ने साफ किया कि कांग्रेस अब किसी गठबंधन पर निर्भर रहने के बजाय खुद की ताकत पर भरोसा कर रही है।

गहलोत ने बताया कि इस बार कांग्रेस ने अपनी पुरानी रणनीति में बदलाव किया है। पहले पार्टी वाम दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ती थी, लेकिन अब उसने ‘एकला चलो’ का रास्ता चुना है। इसका मतलब है कि कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतर गई है। उनका कहना है कि पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है और कार्यकर्ताओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब नए सिरे से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। गांव-गांव और शहरों में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों से संपर्क कर रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और उन्हें हल करने का भरोसा दिला रहे हैं। गहलोत के मुताबिक, यही मेहनत चुनाव में पार्टी को फायदा पहुंचाएगी और कई सीटों पर चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिल सकते हैं।

जब उनसे INDIA Alliance के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक विचारधारा पर आधारित गठबंधन है, लेकिन हर राज्य की राजनीतिक स्थिति अलग होती है। इसलिए पार्टियां अपने-अपने हिसाब से फैसले लेती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने स्थानीय हालात को देखते हुए अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी यानी Bharatiya Janata Party पर निशाना साधते हुए गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनाव में धार्मिक मुद्दों को उछालकर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति ऐसी होनी चाहिए जो लोगों को जोड़े, न कि उन्हें बांटे। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि सभी समुदायों का सम्मान और समान भागीदारी जरूरी है।

इसके अलावा, गहलोत ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान है। इसके लिए जरूरी है कि चुनाव से जुड़ी सभी संस्थाएं स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से काम करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग पूरी ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएगा।

गहलोत ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पश्चिम बंगाल में भी पार्टी इसी सोच के साथ जनता के बीच जा रही है। उनका मानना है कि लोग अब बदलाव चाहते हैं और कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख सकते हैं।