पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस यानी TMC को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी भले ही लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटी हों, लेकिन दिल्ली में पार्टी के कुछ सांसदों की गतिविधियों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। INDIA गठबंधन की अहम बैठक से ठीक पहले कुछ TMC सांसदों की कथित गुप्त बैठकों, फोन बंद रहने और बदले हुए राजनीतिक रुख को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।पार्टी के कुछ सांसदों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव ने नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों और सांसदों की गतिविधियों पर सभी की नजर टिकी हुई है। विपक्षी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही INDIA गठबंधन की बैठक से पहले सामने आए इन घटनाक्रमों ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या TMC के भीतर सब कुछ सामान्य है या फिर पार्टी के अंदर कोई बड़ी राजनीतिक हलचल चल रही है।

दिल्ली में क्या हुई गुप्त बैठक?

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली में कुछ नाराज सांसदों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी की मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि TMC के करीब 20 सांसद नेतृत्व के खिलाफ असंतोष जताने वाले समूह के संपर्क में हैं और आगे की राजनीतिक दिशा पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

20 सांसदों की नाराजगी क्यों चर्चा में?

बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। कुछ नेताओं को लगता है कि चुनावी रणनीति और संगठन को लेकर कई फैसले सही तरीके से नहीं लिए गए। यही वजह है कि कुछ सांसदों के अलग रुख अपनाने और नेतृत्व से दूरी बनाने की चर्चाएं सामने आ रही हैं।

80 में से 60 विधायक भी बताए जा रहे हैं नाराज

NDTV की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनावी हार के बाद TMC के 80 में से लगभग 60 विधायक पार्टी लाइन से असहज नजर आ रहे हैं या नेतृत्व को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन अगर यह असंतोष आगे बढ़ता है तो TMC के लिए यह बड़ा राजनीतिक संकट साबित हो सकता है।

ममता बनर्जी के लिए क्यों अहम है यह बैठक?

INDIA गठबंधन की यह बैठक विपक्षी राजनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेकिन ममता बनर्जी के सामने चुनौती सिर्फ विपक्षी एकता की नहीं, बल्कि अपनी पार्टी को एकजुट रखने की भी है। ऐसे में सांसदों और विधायकों की कथित नाराजगी उनके लिए चिंता का विषय बन सकती है।फिलहाल TMC की ओर से किसी बगावत या टूट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन दिल्ली में हुई कथित बैठकों, सांसदों की गतिविधियों और बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि INDIA गठबंधन की बैठक के बाद TMC के भीतर हालात किस दिशा में जाते हैं।